Punjab.पंजाब: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक इंडिपेंडेंट सोशल मीडिया जर्नलिस्ट की याचिका पर यूनियन ऑफ़ इंडिया और पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया। याचिका में पत्रकार ने अपने फेसबुक पेज के खिलाफ की गई कार्रवाई को रद्द करने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने अकाउंट्स पर लगाए गए इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) क्लेम्स को हटाने और अपने पेज व कंटेंट को बहाल करने के लिए भी कोर्ट से निर्देश देने की अपील की है। जस्टिस जगमोहन बंसल की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता रतनदीप सिंह धालीवाल इस बीच शिकायत अधिकारी और अपीलेट अथॉरिटी के पास भी जा सकते हैं। कोर्ट ने 27 जुलाई के लिए नोटिस ऑफ मोशन जारी करते हुए कहा कि अपीलेट अथॉरिटी कानून के अनुसार उनकी अपील पर फैसला कर सकती है।
खुद को पब्लिक इंटरेस्ट से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग करने वाला इंडिपेंडेंट सोशल मीडिया जर्नलिस्ट बताते हुए धालीवाल ने दावा किया कि यह कार्रवाई उनकी रिपोर्टिंग के बाद हुई। उन्होंने अक्टूबर 2025 में बठिंडा के एक गांव में सरकारी फंड में कथित गड़बड़ी का खुलासा किया था और जनवरी 2026 में एक RTI एक्टिविस्ट का इंटरव्यू लिया था, जिसमें विज्ञापनों पर 785 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का मुद्दा उठाया गया था। याचिका के अनुसार, फरवरी 2026 में उनके कंटेंट के खिलाफ कई IPR क्लेम किए गए, जिसके बाद 27 फरवरी को उनका फेसबुक पेज हटा दिया गया। इसके बाद 10 मार्च को अकाउंट को डिसेबल किए जाने की औपचारिक सूचना दी गई। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उनके द्वारा किए गए खुलासों का नतीजा है। पहले से नोटिस पर मौजूद यूनियन ऑफ़ इंडिया और पंजाब सरकार की ओर से पेश वकीलों ने नोटिस स्वीकार कर लिया और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।