Punjab में शिक्षा पर राहत, निजी स्कूलों की फीस बढ़ाने पर रोक

Update: 2026-07-13 11:24 GMT

Chandigarh चंडीगढ़ :   पंजाब में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने पर रोक लगाने की दिशा में राज्य सरकार को बड़ी सफलता मिली है। "पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2026" पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके बाद अब राज्य में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर नियंत्रण लागू हो जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल द्वारा अध्यादेश को मंजूरी दिए जाने पर उनका धन्यवाद किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि पंजाब के बच्चों और अभिभावकों के हित में सरकार द्वारा लिए गए इस महत्वपूर्ण फैसले का राज्यपाल ने समर्थन किया है।

भगवंत मान ने कहा कि सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा फीस के नाम पर किए जा रहे कथित शोषण को रोकने के उद्देश्य से यह अध्यादेश लाया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा को कारोबार नहीं बनने दिया जाएगा और आम लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

अध्यादेश लागू होने के बाद अब कोई भी निजी स्कूल सालाना फीस में 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी नहीं कर सकेगा। सरकार का कहना है कि इस नियम से निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी और अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक दबाव से बचाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि को लेकर लंबे समय से अभिभावकों की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिसके समाधान के लिए यह कदम उठाया गया है।

आम आदमी पार्टी के नेता आदिल अहमद खान ने भी राज्यपाल की मंजूरी को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अब फीस माफिया की मनमानी नहीं चलेगी और निजी स्कूल अपनी इच्छा के अनुसार फीस नहीं बढ़ा पाएंगे।

आदिल अहमद खान ने कहा कि पंजाब सरकार की पहल से निजी स्कूलों की अनियंत्रित फीस बढ़ोतरी पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट मानना है कि शिक्षा सेवा का माध्यम है, कोई व्यवसाय नहीं।

आम आदमी पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि निजी स्कूलों द्वारा फीस के नाम पर अभिभावकों से हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने यह अध्यादेश तैयार किया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।

सरकार का दावा है कि इस फैसले से लाखों छात्रों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी। वहीं, निजी स्कूलों की फीस नीति पर निगरानी रखने के लिए संबंधित नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि फीस नियंत्रण से अभिभावकों को राहत मिलेगी, लेकिन स्कूलों के संचालन और सुविधाओं को बनाए रखने के लिए संतुलन बनाना भी जरूरी होगा। सरकार की ओर से कहा गया है कि नियमों का उद्देश्य स्कूलों की कार्यप्रणाली को प्रभावित करना नहीं, बल्कि फीस वृद्धि में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

पंजाब सरकार इस फैसले को अभिभावकों के हित में बड़ा कदम बता रही है। अध्यादेश लागू होने के बाद निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर नियंत्रण और इसकी निगरानी राज्य में शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बनेगी।

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