चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस की ओर से मंगलवार को सेक्टर-15 स्थित कांग्रेस भवन के बाहर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके आवास की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारी जब बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

पानी की तेज बौछार के कारण कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़क पर गिर गए। कुछ लोगों को चोटें आने की सूचना है, जबकि प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं की तबीयत भी बिगड़ गई। मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने अस्वस्थ हुए नेताओं को प्राथमिक उपचार दिया। घटना के बाद कुछ समय के लिए कांग्रेस भवन के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलजीत सिंह नागरा वाटर कैनन की तेज बौछार लगने के बाद संतुलन खोकर गिर पड़े। बताया गया कि उन्हें चोटें आईं और उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। मौके पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ता तत्काल उनकी मदद के लिए पहुंचे। नागरा को प्रदर्शन स्थल पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें कुछ समय तक आराम करने की सलाह दी गई। उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही कांग्रेस के कई नेता उनके पास पहुंच गए।

वहीं, प्रदर्शन स्थल पर बनाए गए मंच पर मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू की भी अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें तत्काल मंच से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई। आशू की तबीयत खराब होने से कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित नजर आए।

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान पंजाब सरकार तथा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि राज्य सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। प्रदर्शनकारी वित्त मंत्री के आवास की ओर मार्च कर उन्हें अपना विरोध दर्ज कराना चाहते थे। हालांकि, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कांग्रेस भवन के आसपास पहले से ही सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे।

कांग्रेस भवन से बाहर निकलते ही प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने नेताओं से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने और निर्धारित सीमा से आगे नहीं बढ़ने की अपील की। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के पास पहुंच गए और आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड को हटाने और उसके ऊपर चढ़ने की कोशिश भी की। पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीछे धकेला, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी। जब कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे तो वाटर कैनन की गाड़ी से पानी की बौछारें छोड़ी गईं। पानी का दबाव अधिक होने के कारण कई कार्यकर्ता सड़क पर गिर पड़े। कुछ कार्यकर्ताओं के कपड़े और जूते भी पानी में भीग गए। इसके बावजूद कई कार्यकर्ता सड़क पर डटे रहे और नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई।

प्रदर्शन के कारण सेक्टर-15 और आसपास की सड़कों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई रास्तों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। बैरिकेडिंग के कारण वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। प्रदर्शन समाप्त होने और भीड़ कम होने के बाद यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हुई।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने पर सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। उनका कहना था कि पार्टी कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से वित्त मंत्री के आवास तक जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। नेताओं ने घायल कार्यकर्ताओं के प्रति चिंता जताते हुए पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि पार्टी जनहित से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाती रहेगी।

दूसरी ओर, पुलिस का जोर प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर रहा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बार-बार बैरिकेडिंग नहीं तोड़ने और निर्धारित स्थान पर ही विरोध दर्ज कराने की अपील की। पुलिस का कहना था कि सुरक्षा कारणों से प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। भीड़ के दबाव और बैरिकेड हटाने के प्रयास के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने कुलजीत सिंह नागरा, भारत भूषण आशू और अन्य घायल या अस्वस्थ कार्यकर्ताओं का हाल जाना। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया जाएगा। फिलहाल घायलों की सही संख्या और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इस प्रदर्शन ने एक बार फिर पंजाब की सत्तारूढ़ पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को सामने ला दिया है। कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपने विरोध को और तेज करने के संकेत दिए हैं। वहीं, मंगलवार की घटना के बाद प्रशासन और पुलिस के लिए आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों में सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

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