चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस ने मंगलवार को चंडीगढ़ में शक्ति प्रदर्शन किया। पंजाब कांग्रेस भवन से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर प्रस्तावित मार्च को लेकर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक चंडीगढ़ पहुंचे। कांग्रेस की ओर से करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया। कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ और उनके वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते शहर के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ा।
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पंजाब कांग्रेस भवन सेक्टर-15 के आसपास और मार्च के संभावित मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग की। सुरक्षा व्यवस्था के कारण कई सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और ट्रैफिक को दूसरे रास्तों की ओर डायवर्ट किया गया।
सुबह से पहुंचने लगे कांग्रेस कार्यकर्ता
कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन को लेकर मंगलवार सुबह करीब 10 बजे से ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों का चंडीगढ़ पहुंचना शुरू हो गया था। पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से कांग्रेस कार्यकर्ता बसों, कारों और अन्य वाहनों से सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन के आसपास पहुंचने लगे। जैसे-जैसे समय बढ़ा, प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती चली गई।
दोपहर करीब 12 बजे तक सेक्टर-15 के आसपास वाहनों की संख्या काफी बढ़ गई। बड़ी संख्या में वाहनों के एक साथ पहुंचने से सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ गया। इसके चलते सेक्टर-15 के अलावा आसपास के इलाकों में भी ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई मार्गों पर वाहनों की कतारें किलोमीटरों तक पहुंच गईं।
पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी
स्थिति को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने लोगों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। पुलिस ने लोगों से अपील की कि यदि वे पीजीआई, पंजाब यूनिवर्सिटी अथवा सेक्टर-15 और सेक्टर-11 की तरफ आने की योजना बना रहे हैं तो फिलहाल अपना सफर टाल दें। पुलिस के मुताबिक, इन इलाकों में भारी भीड़ और यातायात दबाव के कारण जाम की स्थिति बनी हुई थी।
एडवाइजरी के जरिए पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने और अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्रों की ओर जाने से बचने की अपील की। ट्रैफिक पुलिस की टीमें अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहीं और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की कोशिश करती रहीं।
कई किलोमीटर तक लगी वाहनों की कतार
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ता गया। कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं। जाम में फंसे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा।
पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। छात्र, कर्मचारी और आम वाहन चालक ट्रैफिक जाम से प्रभावित हुए। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन किए जाने के कारण कई लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर कांग्रेस के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी। पंजाब कांग्रेस भवन के आसपास बैरिकेड लगाए गए थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया।
प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र में रखने और संवेदनशील स्थानों की ओर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई।
कांग्रेस ने दिखाया संगठनात्मक दम
पंजाब कांग्रेस के इस कार्यक्रम को पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने से पार्टी ने अपने संगठनात्मक आधार और कार्यकर्ताओं की सक्रियता दिखाने की कोशिश की। कार्यक्रम में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा किया गया।
पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में कार्यक्रम को लेकर उत्साह नजर आया। कांग्रेस की ओर से पांच हजार कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया। शक्ति प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने सरकार के खिलाफ अपनी राजनीतिक सक्रियता का संदेश देने का प्रयास किया।
आम लोगों को हुई परेशानी
जहां एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए यह कार्यक्रम राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का अवसर रहा, वहीं दूसरी ओर यातायात बाधित होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के कारण कई वाहन चालक लंबे समय तक सड़कों पर फंसे रहे। कार्यालय जाने वाले लोगों, छात्रों और अन्य जरूरी काम से निकले लोगों को भी अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हुई।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें। स्थिति सामान्य होने तक वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
फिलहाल चंडीगढ़ पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। कांग्रेस के प्रस्तावित मार्च को लेकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है, जबकि भारी भीड़ के कारण प्रभावित मार्गों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।