पंजाब Punjab : सिख नेताओं के दबाव में स्वर्ण मंदिर के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने सोमवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में दायर याचिका वापस ले ली। उन्होंने न्यायालय में याचिका दायर कर आशंका जताई कि मुख्य ग्रंथी के रूप में उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं। अपनी याचिका में उन्होंने कहा कि सिख संस्था में अत्यधिक राजनीतिकरण के कारण उन्हें 7 मार्च को अकाल तख्त जत्थेदार के पद से हटा दिया गया था। अब उन्हें फिर से निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें डर है कि उनके साथ भी ऐसा ही हो सकता है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने यह फैसला 1 जुलाई को होने वाली मामले की पहली सुनवाई से एक दिन पहले लिया। उन्होंने 6 जून को याचिका दायर की। ज्ञानी रघबीर सिंह के साथ ज्ञानी सुल्तान सिंह को भी 7 मार्च को तख्त केसगढ़ साहिब जत्थेदार के पद से हटा दिया गया था। ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज को अकाल तख्त का कार्यवाहक जत्थेदार नियुक्त किया गया था।
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