Ludhiana.लुधियाना: पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) ने नेशनल टेक्सटाइल्स डे का जश्न मनाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने अपने नवीनतम और नवाचार आधारित फैब्रिक्स की प्रदर्शनी लगाई, जिसमें शोध और तकनीकी उन्नति को दर्शाया गया।
PAU के टेक्सटाइल विभाग ने इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के कपड़े और टेक्सटाइल उत्पादों को प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी में उन फैब्रिक्स पर विशेष ध्यान दिया गया जो टिकाऊ, पर्यावरण के अनुकूल और फैशन तथा कृषि दोनों क्षेत्रों में उपयोगी हैं। विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं ने नवाचार, तकनीकी उन्नति और नई शोध परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस मौके पर PAU के टेक्सटाइल विभाग प्रमुख ने कहा, “नेशनल टेक्सटाइल्स डे केवल फैशन और वस्त्र उद्योग के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह हमारे शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए भी अपनी उपलब्धियों को साझा करने का अवसर है। हम चाहते हैं कि हमारे छात्र और युवा शोधकर्ता टेक्सटाइल उद्योग में नवाचार और विकास के लिए प्रेरित हों।”
कार्यक्रम में फैब्रिक्स की विविधता ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसमें पारंपरिक कपड़े, कॉटन और सिल्क के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल और तकनीकी उन्नत सामग्री को भी प्रदर्शित किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग में नए और टिकाऊ फैब्रिक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है, और PAU इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
नेशनल टेक्सटाइल्स डे के आयोजन में छात्रों ने भी सक्रिय भाग लिया। उन्होंने अपने प्रोजेक्ट और डिजाइन प्रस्तुत किए और बताया कि कैसे आधुनिक तकनीक और शोध का उपयोग कर वे नई और टिकाऊ फैब्रिक्स विकसित कर सकते हैं। छात्रों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें उद्योग के रुझानों को समझने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर प्रदान करते हैं।
स्थानीय टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े उद्यमियों और व्यवसायियों ने भी इस प्रदर्शनी का दौरा किया। उन्होंने PAU द्वारा विकसित फैब्रिक्स में व्यावसायिक संभावनाओं को देखा और कहा कि यह उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि टेक्सटाइल उद्योग में नवाचार और टिकाऊ फैब्रिक्स का विकास आने वाले समय में भारत की टेक्सटाइल निर्यात संभावनाओं को भी मजबूत करेगा। उन्होंने छात्रों और शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित किया कि वे पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ उत्पादन के दृष्टिकोण से नई तकनीकों पर काम करें।
कार्यक्रम का समापन PAU के कुलपति और टेक्सटाइल विभाग के प्रमुख के भाषण के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं बल्कि पूरे राज्य और देश में टेक्सटाइल उद्योग के विकास में योगदान देंगे।