जालंधर। पंजाब के जालंधर जिले के गोराया में गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। फिल्लौर से गोराया की ओर जाने वाले जीटी रोड पर प्राचीन शिव मंदिर के पास मजदूरों से भरा एक ऑटो दूसरे वाहन से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआती जानकारी में ऑटो सवार 12 लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी। हालांकि, बाद में अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल फिल्लौर के सिविल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, दुर्घटना गुरुवार सुबह करीब नौ बजे गोराया के नजदीक राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। ऑटो में लगभग 10 से 12 मजदूर सवार थे। सभी मजदूर लुधियाना से जालंधर की ओर काम करने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मजदूरों को जालंधर में एक पैलेस में क्रॉकरी से संबंधित काम करना था। इसी दौरान रास्ते में उनका ऑटो हादसे का शिकार हो गया।
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, ऑटो में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। वाहन जब गोराया के पास पहुंचा, तभी उसकी दूसरे वाहन से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद ऑटो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें बैठे कई मजदूर चोट लगने के कारण बाहर नहीं निकल पा रहे थे। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य में सहायता की।
हादसे के संबंध में अलग-अलग रिपोर्टों में टक्कर की परिस्थितियों को लेकर कुछ अंतर सामने आया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, मजदूरों से भरा ऑटो सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराया था। वहीं, अन्य रिपोर्टों में अज्ञात वाहन से टक्कर होने की जानकारी दी गई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किस वाहन से हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
घटना की सूचना एक राहगीर ने सड़क सुरक्षा फोर्स को दी। इसके बाद सड़क सुरक्षा फोर्स के इंचार्ज जसविंदर सिंह अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त ऑटो में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। इसके बाद घायलों को उपचार के लिए फिल्लौर के सिविल अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने घायलों की जांच की। सिविल अस्पताल की चिकित्सक डॉ. तानिया ने दो लोगों की मौत की पुष्टि की। दोनों मृतकों के शव अस्पताल के शवगृह में रखवाए गए हैं। समाचार लिखे जाने तक मृतकों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
इस हादसे में घायल नौ मजदूरों की पहचान संतोष, सरबजीत, शिशुपाल, अंकित, मंजीत, राहुल, हरदीप, हिमांशु और रणदीप के रूप में हुई है। सभी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर आगे की जानकारी चिकित्सकीय जांच के आधार पर स्पष्ट होगी।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर मालवाहक और छोटे यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर यात्रा कराने की समस्या को सामने रखा है। ऑटो जैसे छोटे वाहन में बड़ी संख्या में यात्रियों के सवार होने से दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोटों की आशंका बढ़ सकती है।
विशेष रूप से मजदूरी के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले श्रमिक अक्सर सामूहिक रूप से छोटे वाहनों में सफर करते हैं। ऐसे में वाहनों की निर्धारित क्षमता, यात्रियों की सुरक्षा और सड़क नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण हो जाता है। हालांकि, इस विशेष दुर्घटना में ओवरलोडिंग की वास्तविक भूमिका क्या रही, इसका निष्कर्ष पुलिस की जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहन, बसें, कारें और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। ऐसे व्यस्त मार्गों पर वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे वाहनों की भारी वाहनों से टक्कर होने पर नुकसान अधिक हो सकता है। विशेष रूप से जब वाहन में निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोग मौजूद हों, तो दुर्घटना के दौरान यात्रियों को सुरक्षित निकालना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
वहीं, दुर्घटना के बाद सड़क सुरक्षा फोर्स की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण रही। टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकालने और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। पंजाब में राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर सड़क दुर्घटनाओं के दौरान तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए सड़क सुरक्षा फोर्स तैनात की गई है।
पुलिस ने घटना के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि ऑटो किस परिस्थिति में दूसरे वाहन से टकराया। इसके अलावा ऑटो की रफ्तार, सड़क की स्थिति और दूसरे वाहन की भूमिका जैसे पहलुओं की भी पड़ताल की जा सकती है।
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों की पहचान कर उन्हें घटना की जानकारी देने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। अस्पताल में रखे शवों की पहचान होने के बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
गौरतलब है कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को उठानी पड़ती है, जिनकी आजीविका परिवार के कमाने वाले सदस्यों पर निर्भर होती है। गोराया में दुर्घटना का शिकार हुए मजदूर भी रोजी-रोटी कमाने के लिए लुधियाना से जालंधर जा रहे थे। लेकिन काम पर पहुंचने से पहले ही उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
फिलहाल हादसे में दो लोगों की मौत और नौ मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। संबंधित वाहन की पहचान और टक्कर की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। इस दुर्घटना ने एक बार फिर क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर वाहन चलाने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित किया है।