गर्मी से राहत नहीं, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

Update: 2026-07-16 13:28 GMT

पंजाब: मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर गर्मी और उमस का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य में बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। इसके बजाय दक्षिण-पश्चिम पंजाब के कई जिलों में गर्म और उमस भरे मौसम को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज धूप और बढ़ती नमी के बीच सावधानी बरतने की सलाह दी है।

भारतीय मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को पंजाब के आठ जिलों में गर्म और उमस भरे मौसम का असर देखने को मिलेगा। इनमें बठिंडा, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा और बरनाला जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दिन के समय तापमान अधिक रहने और हवा में नमी बढ़ने से लोगों को गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में तेज धूप के साथ उमस बढ़ने की संभावना है। ऐसे मौसम में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

गुरुवार को पंजाब में गर्मी का सबसे ज्यादा असर बठिंडा जिले में देखने को मिला। यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके साथ बठिंडा राज्य का सबसे गर्म जिला रहा। लगातार बढ़ते तापमान और उमस के कारण लोगों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के कमजोर पड़ने के कारण पंजाब में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कम हुई हैं। बारिश नहीं होने से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है और वातावरण में नमी के कारण उमस भी बढ़ रही है। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है।

गर्मी और उमस के बीच बिजली की मांग भी बढ़ने लगी है। पंखे, कूलर और एसी के अधिक इस्तेमाल के कारण बिजली खपत में वृद्धि दर्ज की जा रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे स्थानों और पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि गर्मी के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और धूप में निकलने से पहले जरूरी सावधानी बरतें। हल्के और सूती कपड़े पहनने, सिर को ढककर बाहर निकलने और दोपहर के समय अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए भी मौसम की स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। मानसून की धीमी गति के कारण कुछ क्षेत्रों में बारिश का इंतजार किया जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फसलों के बेहतर विकास के लिए समय पर बारिश जरूरी है। हालांकि जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वहां किसानों को ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है।

पंजाब में पिछले कुछ दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी बादल छाने तो कभी तेज धूप निकलने से तापमान में बदलाव हो रहा है। फिलहाल मौसम विभाग की नजर मानसून की गतिविधियों पर बनी हुई है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी और उमस के दौरान सतर्क रहें और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें। आने वाले दिनों में अगर मानसून सक्रिय होता है तो राज्य के कई हिस्सों में बारिश से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पंजाब के आठ जिलों में गर्म और उमस भरे मौसम को लेकर जारी यलो अलर्ट के बीच लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

Tags:    

Similar News