चंडीगढ़। राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने फिल्म 'सतलुज' को लेकर चल रही बहस पर चिंता जताई है। उन्होंने फिल्म को लेकर हो रही चर्चाओं को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशों की निंदा की और लोगों से शांति व सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की। सांसद साहनी ने कहा कि फिल्म 'सतलुज' पंजाब के इतिहास के एक विशेष दौर को दर्शाती है। यह फिल्म लापता व्यक्तियों, कथित फर्जी मुठभेड़ों, न्यायेतर हत्याओं और बिना सूचना दिए गए अवैध दाह संस्कार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों को ऐतिहासिक संदर्भ में समझने की जरूरत है, न कि उन्हें समाज में विभाजन पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। डॉ. साहनी ने कहा कि ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित किसी भी फिल्म को एक कलात्मक अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिल्मों के माध्यम से इतिहास के कठिन अध्यायों को सामने लाया जा सकता है, लेकिन इन्हें पुराने जख्मों को फिर से उभारने या सामाजिक तनाव बढ़ाने का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए।
फिल्म को लेकर चल रही बहस पर जताई चिंता
सांसद ने कहा कि हाल के दिनों में फिल्म 'सतलुज' को लेकर जिस तरह की बहस चल रही है, उससे वह चिंतित हैं। उनका कहना है कि किसी भी विषय पर विचार-विमर्श लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए, लेकिन इसे राजनीतिक या सांप्रदायिक विवाद में बदलना उचित नहीं है। उन्होंने अपील की कि पंजाब के इतिहास से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को समझदारी और जिम्मेदारी के साथ देखा जाए। समाज को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है कि अतीत की घटनाओं से सीख ली जाए और भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा न बनें, इसके लिए प्रयास किए जाएं।
सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील
डॉ. साहनी ने कहा कि पंजाब ने लंबे समय तक कठिन दौर देखा है और अब राज्य में शांति, भाईचारा और विकास को प्राथमिकता देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी कला या फिल्म को समाज में नफरत फैलाने के बजाय संवाद और समझ बढ़ाने का माध्यम बनना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि फिल्म को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रियाओं से बचें और तथ्यों के आधार पर चर्चा करें। उनका कहना था कि पंजाब की एकता और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत रखना सभी की जिम्मेदारी है।
'सतलुज' को लेकर बढ़ी चर्चा
फिल्म 'सतलुज' को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो रही है। फिल्म में पंजाब के एक संवेदनशील ऐतिहासिक दौर से जुड़े मुद्दों को दिखाए जाने की बात सामने आई है। इसी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे इतिहास के एक महत्वपूर्ण हिस्से को सामने लाने वाला प्रयास बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसके प्रस्तुतीकरण को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच सांसद साहनी ने विवाद को बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्ण संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब का भविष्य शांति और आपसी विश्वास पर निर्भर करता है। इसलिए जरूरी है कि इतिहास को समझते हुए समाज में भाईचारा और सद्भाव बनाए रखा जाए।