त्योहारों से पहले पंजाब सरकार का बड़ा तोहफा, कर्मचारियों-पेंशनरों का DA 8% बढ़ा
चंडीगढ़। त्योहारों से पहले पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसके साथ ही राज्य में कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा। बढ़ा हुआ डीए 4-4 प्रतिशत की दो किस्तों के रूप में दिया जाएगा और इसका लाभ सितंबर के वेतन के साथ मिलेगा, जिसका भुगतान 1 अक्टूबर को किया जाना है।
पंजाब सरकार के इस फैसले से राज्य के करीब आठ लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा मिलने की बात कही गई है। अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार इसमें करीब चार लाख कर्मचारी और लगभग साढ़े तीन लाख पेंशनभोगी शामिल हैं। त्योहारों के मौसम से ठीक पहले हुई इस घोषणा से कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने शुक्रवार को कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद यह फैसला लिया। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डॉ. बलजीत कौर भी शामिल रहे। संयुक्त कर्मचारी मंच के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में लंबित महंगाई भत्ते सहित कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत के बाद 4 प्रतिशत की दो लंबित डीए किस्तें जारी करने पर सहमति बनी। दोनों किस्तों को मिलाकर कर्मचारियों को कुल 8 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिलेगा। इससे मौजूदा डीए की दर बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगी। सरकार ने इसे कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।
इस बढ़ोतरी का असर कर्मचारियों की सितंबर महीने की सैलरी में दिखाई देगा। सितंबर का वेतन 1 अक्टूबर को मिलने पर बढ़े हुए डीए की राशि भी कर्मचारियों को दी जाएगी। इसी तरह पात्र पेंशनभोगियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
सरकार पर इस फैसले से अतिरिक्त वित्तीय भार भी पड़ेगा। सरकारी पक्ष के मुताबिक 8 प्रतिशत डीए जारी करने से राज्य के खजाने पर करीब 231 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। वहीं कुछ रिपोर्टों में इस राहत पैकेज की राशि लगभग 250 करोड़ रुपये बताई गई है।
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब राज्य के सरकारी कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कई सप्ताह से आंदोलन कर रहे थे। संयुक्त कर्मचारी मंच के तहत कई कर्मचारी और पेंशनर संगठन अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे थे। मंच में 153 कर्मचारी और पेंशनर संगठन शामिल बताए गए हैं। डीए की लंबित किस्तों के साथ पुरानी पेंशन योजना, वेतन संबंधी मुद्दों और अन्य मांगों को लेकर भी कर्मचारी आवाज उठा रहे थे।
डीए पर सहमति बनने के बाद कर्मचारी संगठनों ने अपना मौजूदा आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है। हालांकि उनकी सभी मांगों का समाधान अभी नहीं हुआ है। सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच अक्टूबर के पहले सप्ताह में दोबारा बैठक होने की बात कही गई है। इसमें बाकी लंबित मांगों पर चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक के बाद कहा कि सरकारी कर्मचारी प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और सरकार उनके कल्याण को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। बैठक में कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े कई पुराने मुद्दों पर चर्चा की गई। सरकार ने संकेत दिया है कि जिन मांगों का तत्काल समाधान नहीं हुआ है, उन पर आगे बातचीत जारी रहेगी।
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के मूल वेतन के आधार पर दिया जाता है। इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के कारण कर्मचारियों की क्रय शक्ति पर पड़ने वाले असर को कम करना है। ऐसे में डीए की दर में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी से कर्मचारियों के मासिक वेतन में उनके मूल वेतन के अनुसार वृद्धि होगी।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30 हजार रुपये है तो 8 प्रतिशत अतिरिक्त डीए से मासिक राशि में लगभग 2,400 रुपये का अंतर पड़ सकता है। इसी तरह 50 हजार रुपये के मूल वेतन पर 8 प्रतिशत का अंतर करीब 4 हजार रुपये बैठता है। वास्तविक भुगतान कर्मचारी की वेतन संरचना और लागू सरकारी नियमों पर निर्भर करेगा।
डीए का मामला पिछले कुछ समय से पंजाब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच प्रमुख मुद्दा बना हुआ था। कर्मचारियों ने लंबित महंगाई भत्ते और एरियर को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए थे। 8 प्रतिशत डीए जारी करने पर बनी सहमति से फिलहाल इस गतिरोध का एक हिस्सा समाप्त हुआ है, लेकिन पुराने एरियर सहित कई वित्तीय मांगें अभी भी बाकी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार डीए की संयुक्त 8 प्रतिशत बढ़ोतरी जुलाई 2023 से लंबित किस्तों से संबंधित है। वहीं पुराने डीए एरियर और वेतन विसंगतियों से जुड़ा कानूनी मामला अलग से जारी है। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा समझौते से उन लंबित कानूनी मामलों पर असर नहीं पड़ेगा।
त्योहारी सीजन से ठीक पहले आया फैसला कर्मचारियों के लिए तत्काल राहत लेकर आया है। सितंबर की सैलरी में बढ़े हुए डीए का लाभ मिलने से दशहरा और दिवाली से पहले कर्मचारियों के हाथ में अतिरिक्त रकम आएगी। पेंशनभोगियों के लिए भी बढ़ी हुई दर आर्थिक राहत का कारण बनेगी।
फिलहाल पंजाब सरकार के फैसले के बाद महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक पहुंचने जा रहा है। 4-4 प्रतिशत की दो किस्तों को मिलाकर कुल 8 प्रतिशत डीए का लाभ दिए जाने और 1 अक्टूबर को सितंबर की सैलरी के साथ भुगतान की घोषणा ने लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत दी है।