अमृतसर ग्रामीण पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 आरोपी गिरफ्तार; 10.94 किलो हेरोइन, आइस ड्रग और 11 पिस्तौल बरामद
Amritsar अमृतसर। पंजाब सरकार के "नशीली दवाओं के खिलाफ जंग" और "गुंडों के खिलाफ जंग" अभियान के तहत अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशा और अवैध हथियार तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। अभियान के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से करीब 10 किलो 940 ग्राम हेरोइन, 1 किलो 19 ग्राम आइस (मेथाम्फेटामाइन), 11 अवैध पिस्तौल, 52 हजार रुपये की ड्रग मनी, जिंदा कारतूस और अन्य हथियार बरामद किए गए हैं।
ग्रामीण एसएसपी कवलप्रीत सिंह चहल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह कार्रवाई अलग-अलग मामलों में की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार नशा तस्करों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है तथा अभियान आगे भी जारी रहेगा।
एसएसपी के अनुसार, घरिंडा थाना में दर्ज केस नंबर 279 के तहत पुलिस ने दो पिस्तौल और 460 ग्राम हेरोइन बरामद की। इसी थाना क्षेत्र के एक अन्य केस नंबर 276 में गुरसाहिब नामक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से डेढ़ किलो हेरोइन और एक पिस्तौल बरामद की गई।
इस मामले की आगे जांच के दौरान पुलिस गहरी गांव निवासी सतिंदर तक पहुंची। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग आठ किलो हेरोइन और पांच पिस्तौल बरामद किए। अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी पूरे अभियान की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
एसएसपी चहल ने बताया कि घरिंडा थाना के एक अन्य मामले में पुलिस ने 1 किलो 19 ग्राम आइस (मेथाम्फेटामाइन) भी जब्त की है। वहीं अजनाला क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान तीन पिस्तौल बरामद किए गए। इसके अलावा कठूनंगल थाना क्षेत्र में दो किलो हेरोइन और तरसिक्का थाना क्षेत्र में एक पिस्तौल के साथ नौ जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 52 हजार रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की है। अधिकारियों का मानना है कि यह रकम नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गई थी। पुलिस बरामद नकदी और आरोपियों के वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
एसएसपी कवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए बड़ी मात्रा में हेरोइन और हथियार पंजाब भेजे जा रहे थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों की जांच कर रही है, ताकि तस्करी से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस का उद्देश्य केवल तस्करों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
ग्रामीण पुलिस ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और नाकाबंदी को और मजबूत किया गया है। ड्रोन गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है, ताकि सीमा पार से होने वाली नशा और हथियार तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।