Ludhiana.लुधियाना: लुधियाना नगर निगम (MC) के कर्मचारियों ने नगर प्रशासन के सीवर मरम्मत और संचालन कार्य को आउटसोर्स करने के निर्णय के खिलाफ अपनी सख्त आपत्ति जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि इस फैसले से स्थानीय कर्मचारियों की नौकरियों और रोजगार सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
नगर निगम कर्मचारियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि सीवर के रखरखाव और संचालन का कार्य निगम के माध्यम से ही किया जाए, न कि निजी ठेकेदारों को दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
कर्मचारियों ने कहा कि निगम के अंदर ही प्रशिक्षित और अनुभवी स्टाफ मौजूद हैं, जो सीवर मरम्मत और रखरखाव का काम बेहतर तरीके से कर सकते हैं। आउटसोर्सिंग से केवल नौकरियों की कटौती, गुणवत्ता में गिरावट और प्रशासन पर अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा।
कर्मचारियों ने बताया कि इस फैसले से नगर निगम के स्थायी कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से इस विभाग में काम कर रहे हैं और उन्हें अपने काम के प्रति भरोसा और जिम्मेदारी है।
नगर निगम कर्मचारियों की यूनियन ने प्रशासन को लिखा है कि वे आउटसोर्सिंग फैसले पर पुनर्विचार करें और कर्मचारियों की राय को महत्व दें। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई, तो सड़कों पर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिया है कि कर्मचारियों के साथ चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि नगर निगम के कर्मचारियों और प्रशासन के बीच संवाद और समझौता आवश्यक है। इससे न केवल कर्मचारियों के हित सुरक्षित होंगे, बल्कि नगर की सेवाओं की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।