Ludhiana.लुधियाना: सीचेवाल मॉडल की बदौलत दशकों बाद बुड्ढा दरिया में साफ पानी आने लगा है। बुड्ढा दरिया को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयासरत राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने इसकी सफलता का श्रेय लोगों को दिया और कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि दशकों बाद फिर से दरिया में साफ पानी आने लगा है। सीचेवाल ने कहा कि गुरुद्वारा गऊघाट तक विभिन्न स्थानों पर गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने के लिए व्यवस्था की गई है। दरिया में कचरा जमा हो रहा था, जो कुछ क्षेत्रों में चार फीट से भी अधिक था। दरिया के किनारे करीब 72 डेयरी फार्म अपना कचरा सीधे दरिया में डाल रहे थे।
पिछले ढाई महीने में पांच गांवों ने उन क्षेत्रों में सीचेवाल मॉडल लागू किया है, जहां से नदी से कचरा निकाला गया था। गौरतलब है कि कूम कलां नाले से गुरुद्वारा गऊघाट तक करीब 32 किलोमीटर दूर दरिया में साफ पानी आने लगा है और बाकी हिस्सों की सफाई का काम जारी है। ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में दरिया में 100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और तब से लेकर अब तक रोजाना 20 क्यूसेक पानी की मात्रा बढ़ाई जा रही है। 35 साल बाद भुखरी खुर्द में साफ पानी पहुंचने पर स्थानीय लोग खुश हैं। इस मौके पर सरपंच सतपाल सिंह, नंबरदार नरिंदर सिंह और अन्य ग्रामीणों ने दलिया बांटा। गौरतलब है कि पहले जब बोरवेल और मोटरें लगाई जाती थीं तो लोग ख्वाजा पीर को याद करते हुए दलिया बांटते थे और पारंपरिक रीति से ख्वाजा पीर को याद करते थे।