Punjab.पंजाब: Sunil Jakhar ने कहा है कि केंद्र सरकार देश में ड्रग्स की स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है और नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह बात Punjab में बढ़ती नशा समस्या और सीमा पार से होने वाली तस्करी के संदर्भ में कही। उनके अनुसार, सरकार इस गंभीर मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्वास्थ्य दोनों दृष्टिकोण से देख रही है।
जाखड़ ने बताया कि ड्रग्स का मुद्दा केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। खासकर सीमावर्ती राज्यों में नशे की तस्करी के मामले अधिक सामने आते हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के जरिए अवैध गतिविधियां संचालित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि Border Security Force सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही हैं। ड्रोन और आधुनिक तकनीक की मदद से तस्करी के प्रयासों को रोका जा रहा है। हाल के समय में कई बड़े ऑपरेशनों में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं, जो इस बात का संकेत है कि निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
जाखड़ ने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज को भी इसमें सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने युवाओं को जागरूक करने, शिक्षा को मजबूत बनाने और परिवारों की भूमिका को अहम बताया। उनके अनुसार, यदि समाज मिलकर प्रयास करे तो नशे की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नशा तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार रणनीति पर काम कर रही है। इसमें न केवल तस्करों पर कार्रवाई शामिल है, बल्कि उन आर्थिक और सामाजिक कारणों को भी समझने की कोशिश की जा रही है, जिनकी वजह से यह समस्या बढ़ती है।
Punjab में नशे की समस्या लंबे समय से चर्चा का विषय रही है और इसे लेकर विभिन्न स्तरों पर राजनीतिक बहस भी होती रही है। ऐसे में जाखड़ का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें केंद्र की सक्रियता और निगरानी व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि पुनर्वास केंद्रों, रोजगार के अवसरों और सामाजिक जागरूकता को भी मजबूत करना जरूरी है। तभी इस समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।
कुल मिलाकर, जाखड़ के बयान से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार ड्रग्स की स्थिति पर गंभीरता से नजर रखे हुए है और इसे नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इस दिशा में और सख्त और व्यापक कदम देखने को मिल सकते हैं।