लुधियाना। पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य सरकार के 'नशे के खिलाफ जंग' अभियान के अंतर्गत लुधियाना में शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने कई संवेदनशील इलाकों में छापेमारी की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में अब तक करीब 18 से 20 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि 50 से 52 संदिग्धों को पकड़ा गया है। पुलिस की यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।
आठ संवेदनशील इलाकों में पुलिस की छापेमारी
पुलिस अधिकारी रूपिंदर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि लुधियाना में नशा तस्करी के लिहाज से चिह्नित आठ हॉटस्पॉट पर विशेष अभियान चलाया गया। इन इलाकों में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी की आशंका को देखते हुए पुलिस टीमों ने दोबारा जांच अभियान चलाया।उन्होंने बताया कि अभियान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में चलाया जा रहा है। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने चिह्नित इलाकों में पहुंचकर संदिग्ध गतिविधियों की जांच की और कई लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा।अधिकारियों के अनुसार, नशा तस्करी के नेटवर्क को समाप्त करने के उद्देश्य से ऐसे इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
18 से 20 एफआईआर, 50 से अधिक संदिग्ध हिरासत में
रूपिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान करीब 18 से 20 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 50 से 52 संदिग्धों को पकड़ा गया है।हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है या नहीं, इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान हुई बरामदगी का आकलन किया जा रहा है। कितनी मात्रा में नशीले पदार्थ या अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है, इसकी विस्तृत जानकारी रिपोर्ट तैयार होने के बाद सामने आएगी।
नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या से बढ़ा राजनीतिक विवाद
इस कार्रवाई के बीच पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में हत्या कर दी गई थी। वह नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चला रहे थे।इस मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। जांच एजेंसी ने पीड़ित परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज करने के साथ आरोपियों से जुड़े स्थानों पर भी जानकारी जुटाई है।
सुखबीर बादल ने पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर झोटा के परिवार को परेशान करने का आरोप लगाया है।बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर दावा किया कि मृतक की पत्नी और पिता को ऐसे व्यक्तियों के साथ बैठकों में शामिल होने के लिए बुलाया जा रहा है, जिनका कथित तौर पर हत्या से संबंध है।उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता के परिवार को न्याय मिलना चाहिए। हालांकि, बादल के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार और प्रशासन के बीच बातचीत बेनतीजा
झोटा की हत्या के बाद उनके परिवार और पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। परिवार ने मामले में जवाबदेही तय करने और अपनी मांगों को पूरा करने पर जोर दिया है।शुक्रवार को हुई तीसरे दौर की बातचीत भी किसी अंतिम सहमति तक नहीं पहुंच सकी। झोटा के पिता भीम सिंह ने मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के तबादले की मांग की है। परिवार ने अपनी मांगें पूरी होने तक पोस्टमार्टम को लेकर भी असहमति जताई है।
नशा तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
पंजाब पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का मुख्य उद्देश्य नशा प्रभावित इलाकों में अवैध कारोबार पर रोक लगाना और तस्करी में शामिल नेटवर्क की पहचान करना है।वहीं, झोटा हत्याकांड को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है। ऐसे में पंजाब में एक ओर नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज है, तो दूसरी ओर कार्यकर्ता की हत्या को लेकर राजनीतिक विवाद भी बना हुआ है।