Jalandhar.जालंधर: राजधानी में आयोजित ‘होंड डि प्रिज्म’ प्रदर्शनी ने कला प्रेमियों और समाजशास्त्रियों को एक साथ खींचा। यह प्रदर्शनी जीवन, समाज और मानवीय भावनाओं की विविधता और जटिलता को रंग, रूप और बनावट के माध्यम से प्रस्तुत करती है। प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कलाकारों ने सामाजिक मुद्दों, व्यक्तिगत अनुभवों और मानवीय संवेदनाओं को अपने कार्यों में पिरोया है। इसमें चित्रकला, मूर्तिकला और मिश्रित माध्यम (Mixed Media) की कलाओं के माध्यम से जीवन के विभिन्न पहलुओं का अनुभव कराया गया। आयोजकों ने बताया कि ‘होंड डि प्रिज्म’ का उद्देश्य केवल कला प्रदर्शन नहीं है, बल्कि दर्शकों को जीवन और समाज की गहराई पर सोचने के लिए प्रेरित करना भी है।
उद्घाटन समारोह में कला जगत के विशेषज्ञों और सामाजिक विचारकों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी ने मानव भावनाओं और सामाजिक वास्तविकताओं को बेहद संवेदनशील और सटीक ढंग से प्रस्तुत किया है। कलाकारों ने व्यक्तिगत अनुभवों और सामाजिक परिप्रेक्ष्य को इस तरह पेश किया कि दर्शक अपने जीवन और समाज से जुड़ी भावनाओं को महसूस कर सकें। प्रदर्शनी की खासियत यह है कि इसमें सामाजिक असमानता, मानव संबंध, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और व्यक्तिगत संघर्षों को कलात्मक दृष्टिकोण से उकेरा गया है। कुछ कलाकृतियों में पारिवारिक रिश्तों, मानवीय सुख-दुःख और समाज में विविधताओं का चित्रण किया गया है।
इसके साथ ही, युवाओं के दृष्टिकोण और उनके अनुभवों को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। एक वरिष्ठ कला समीक्षक ने कहा, “‘होंड डि प्रिज्म’ प्रदर्शनी दर्शकों को अपने भीतर झांकने और समाज के साथ संबंध महसूस करने का अवसर देती है। यह कला और जीवन के बीच एक पुल की तरह काम करती है।” आयोजकों ने बताया कि प्रदर्शनी में आने वाले दर्शक कला के माध्यम से अपने भावनात्मक और सामाजिक अनुभवों को भी साझा कर सकते हैं। इसके लिए विशेष कार्यशालाओं और संवाद सत्रों का आयोजन किया गया है। इससे दर्शकों में कला के प्रति जागरूकता और समाज की गहन समझ विकसित होती है।