Punjab.पंजाब: हाई कोर्ट ने शहरी नगर निकायों के चुनावों के लिए वार्डों के डिलिमिटेशन प्रोसेस को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। इस प्रोसेस को चुनौती देने वाली याचिकाएं पठानकोट के पूर्व मेयर अनिल वासुदेवा, टांडा के गुरसेवक सिंह और पटरान के रणबीर सिंह ने दायर की हैं। उन्होंने सरकार द्वारा जारी एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को चुनौती दी है, जिसमें डिलिमिटेशन प्लान पर आपत्तियां मांगी गई हैं। अनिल वासुदेवा के वकील एनके वर्मा ने कोर्ट से 22 दिसंबर के नोटिफिकेशन और पठानकोट में डिलिमिटेशन की प्रक्रिया को रद्द करने का आग्रह किया। याचिकाकर्ता ने कहा कि पठानकोट के वार्डों में 2020 में डिलिमिटेशन हुआ था, जिसके आधार पर नगर निगम चुनाव हुए थे।
याचिकाकर्ता ने कहा कि नियम के तहत जनता को आपत्तियां या सुझाव दर्ज करने के लिए कम से कम 30 दिन का समय दिया जाना चाहिए, जो मौजूदा मामले में नहीं किया गया है। गुरसेवक सिंह के वकील ADS जट्टाना और दलजीत सिंह गिलजियान ने तर्क दिया कि इस मामले में, रेस्पोंडेंट्स को ऑब्जेक्शन फाइल करने के लिए सिर्फ सात दिन दिए गए, जिससे निवासियों को पार्टिसिपेशन का सही मौका नहीं मिला। जस्टिस संदीप मौदगिल और यशवीर सिंह राठौर ने राज्य सरकार को 3 फरवरी के लिए नोटिस जारी किया। बेंच ने राज्य को अगली सुनवाई की तारीख से कम से कम एक हफ्ते पहले अपना जवाब फाइल करने का निर्देश दिया। बेंच ने कहा कि एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया था कि “CWP-39740-2025 में, 8 दिसंबर, 2025 के नोटिफिकेशन के अनुसार, म्युनिसिपैलिटीज के वार्ड्स के डिलिमिटेशन रूल्स, 1972 के रूल 6(a) के तहत बाउंड्री बदलने का कोई प्रपोजल नहीं है।”