Punjab पंजाब: सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर रहे राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने फाजिल्का में सीमा क्षेत्र के ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती गांवों में गठित ग्राम समितियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ये समितियां सुरक्षा और स्थानीय समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि उनके कार्यभार संभालने से पहले पूर्व राज्यपाल द्वारा ग्राम समितियों की व्यवस्था शुरू की गई थी, जो अब एक बेहतर प्रणाली के रूप में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के सभी गांवों में ग्राम समितियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन समितियों का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना ही नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। राज्यपाल ने कहा कि सीमा क्षेत्र के लोगों की भागीदारी से प्रशासन को जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने में मदद मिलती है। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने सीमा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को राज्यपाल के सामने रखा। लोगों ने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
राज्यपाल ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सीमा पर रहने वाले नागरिक देश की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों के लोग सुरक्षा बलों के साथ मिलकर देश की रक्षा में अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देते हैं।
उन्होंने ग्राम समितियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये समितियां प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का माध्यम बन रही हैं। इसके जरिए ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी समय पर मिलती है और उनके समाधान के प्रयास किए जाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि सुरक्षा और विकास दोनों के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग जरूरी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
फाजिल्का दौरे के दौरान राज्यपाल ने अधिकारियों से भी क्षेत्र की स्थिति और विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। गौरतलब है कि पंजाब के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए समय-समय पर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन बैठकों का उद्देश्य सीमा क्षेत्र की चुनौतियों को समझना और बेहतर समन्वय स्थापित करना है।