जीरकपुर। ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट स्थित ‘फिनेस द लग्जरी स्टोर’ से करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत के रेडीमेड कपड़े, आयातित फैब्रिक, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान गायब होने का मामला सामने आया है। स्टोर मालिक अरविंद कुमार की शिकायत पर पुलिस ने स्टोर मैनेजर मोहिना दीवानी उर्फ डिंपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद स्टोर में मौजूद सामान, टूटे ताले और अन्य परिस्थितियों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक आकलन में बड़ी मात्रा में सामान गायब होने की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सामान कब और किस तरह स्टोर से बाहर ले जाया गया।

सुबह स्टोर पहुंचने पर टूटा मिला ताला

स्टोर मालिक की शिकायत के मुताबिक, 10 अगस्त की सुबह कर्मचारी सिया और मंजू स्टोर पहुंचीं। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि स्टोर के शटर का ताला टूटा हुआ था। इसकी जानकारी उन्होंने संबंधित लोगों को दी।

जब कर्मचारी अंदर दाखिल हुईं और स्टोर की जांच की गई तो कई जगह सामान अस्त-व्यस्त मिला। स्टोर में रखे कपड़ों और अन्य सामग्री की जांच करने पर बड़ी मात्रा में सामान गायब होने की जानकारी सामने आई।

इसके बाद स्टोर प्रबंधन ने उपलब्ध स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामान की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है।

200 से ज्यादा रेडीमेड ड्रेस गायब

शिकायत में बताया गया है कि स्टोर से 200 से अधिक रेडीमेड ड्रेस गायब हैं। इसके अलावा करीब 15 हजार मीटर आयातित फैब्रिक भी नहीं मिला।

स्टोर में महंगे कपड़ों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक और सजावटी सामान भी रखा हुआ था। जांच के दौरान दो एसी, लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम, साउंड सिस्टम, शीशे, फर्नीचर और स्टोर फिक्स्चर समेत कई सामान के गायब होने की बात सामने आई।

कपड़ों के सैंपल और अन्य सामग्री भी स्टोर में नहीं मिली। इतनी बड़ी मात्रा में सामान गायब होने से स्टोर संचालक को भारी आर्थिक नुकसान होने का दावा किया गया है।

मैनेजर के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

स्टोर मालिक अरविंद कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने स्टोर मैनेजर मोहिना दीवानी उर्फ डिंपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब मामले में मैनेजर की भूमिका की जांच कर रही है।

हालांकि, मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि स्टोर से सामान गायब होने की पूरी घटना किस तरह हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ स्टोर के रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका की आशंका

स्टोर से बड़ी मात्रा में कपड़े, फैब्रिक और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण गायब होने के कारण पुलिस कई पहलुओं से मामले की जांच कर सकती है। इतनी बड़ी मात्रा में सामान को स्टोर से बाहर ले जाने के लिए समय और साधनों की जरूरत होती है।

ऐसे में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटना के समय स्टोर में किस-किस व्यक्ति की पहुंच थी। कर्मचारियों की भूमिका, स्टोर की चाबी या प्रवेश से संबंधित जानकारी और सामान के स्टॉक रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।

स्टोर मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद पुलिस उससे जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है।

सीसीटीवी और स्टॉक रिकॉर्ड अहम

पुलिस के लिए स्टोर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है। यदि कैमरे घटना से पहले और बाद की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर रहे थे तो फुटेज के माध्यम से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि स्टोर में कौन आया और वहां से सामान किस तरह बाहर गया।

इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड, खरीद दस्तावेज और कंप्यूटर सिस्टम में मौजूद जानकारी की जांच भी की जा सकती है। इससे गायब सामान की वास्तविक मात्रा और कीमत का आकलन करने में मदद मिलेगी।

बड़े नुकसान से स्टोर प्रबंधन में हड़कंप

करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सामान गायब होने की जानकारी सामने आने के बाद स्टोर प्रबंधन में हड़कंप मच गया। रेडीमेड कपड़ों और आयातित फैब्रिक के अलावा महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और स्टोर के फिक्स्चर भी गायब बताए गए हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना एक ही बार में हुई या सामान को अलग-अलग समय पर स्टोर से बाहर निकाला गया। यदि स्टॉक रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज से समय-सीमा स्पष्ट होती है तो जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

पुलिस की जांच जारी

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। स्टोर के टूटे ताले, शटर और अंदर की स्थिति की भी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति या वाहन वहां मौजूद था या नहीं।

फिलहाल पुलिस ने मामले में आरोपों की जांच शुरू कर दी है। गायब सामान की वास्तविक कीमत, उसे ले जाने की प्रक्रिया और संभावित आरोपितों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। स्टोर से इतनी बड़ी मात्रा में सामान गायब होने के कारण पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती सामान की बरामदगी और घटना में शामिल लोगों तक पहुंचना है। शिकायत में नामजद स्टोर मैनेजर की भूमिका समेत अन्य संभावित कड़ियों की जांच जारी है।

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