Punjab.पंजाब: लुधियाना के एक छोटे से गांव में मंगलवार को एक दुखद घटना घटी, जब खेत में आग बुझाने के दौरान एक स्थानीय किसान की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए एक झटका साबित हुई है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 52 वर्षीय हरपाल सिंह के रूप में हुई है। हरपाल सिंह लंबे समय से अपने परिवार के साथ गांव में कृषि का काम कर रहे थे। मंगलवार को उनका खेत में गेंहू की फसल की कटाई के बाद बचे हुए पुआल को जलाया जा रहा था। इस दौरान अचानक आग फैल गई और उसे नियंत्रित करने की कोशिश में हरपाल सिंह को जोर का दिल का दौरा पड़ा।
गांववालों ने बताया कि जैसे ही आग फैलती हुई दिखाई दी, हर कोई दौड़कर मदद करने पहुंचा। हरपाल सिंह ने भी आग को काबू में करने की कोशिश की, लेकिन इस बीच अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और वह जमीन पर गिर पड़े। तुरंत ही उन्हें पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत होता है कि यह एक प्राकृतिक मौत थी, जो अचानक हार्ट अटैक के कारण हुई। पुलिस ने कहा कि आग नियंत्रण में थी और किसी अन्य व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई।
गांव के लोग हरपाल सिंह के परिश्रमी और मददगार स्वभाव की बहुत सराहना करते थे। उनके पड़ोसी बताते हैं कि हरपाल हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे और खेत की आग बुझाने में भी वही समाज सेवा की भावना दिखाई। उनकी अचानक मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। कृषि विशेषज्ञों और ग्रामीण नेताओं ने इस घटना को देखते हुए आग बुझाने और फसल जलाने में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेतों में आग बुझाते समय हमेशा सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त पानी या मिट्टी का प्रबंध करना चाहिए। इसके साथ ही वृद्ध और दिल की बीमारियों से ग्रसित किसानों को इस तरह के कामों से बचने की सलाह दी जाती है।
यह घटना लुधियाना के ग्रामीण इलाकों में खेती के दौरान उत्पन्न खतरों को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल फसल जलाने और खेत में आग बुझाने के दौरान कई किसान चोट और हार्ट अटैक जैसी परिस्थितियों में अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसे में उचित सुरक्षा उपाय और जागरूकता अभियान बेहद जरूरी हैं। परिवार के सदस्यों ने गांववालों और प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि हरपाल सिंह का जाना परिवार और गांव दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि खेती के काम में मेहनत के साथ-साथ सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।