Punjab.पंजाब: नांगल में स्वान पुल के पास अवैध खनन गतिविधियों में हाल के वर्षों में चार गुना वृद्धि हुई है, यह जानकारी एक हालिया स्टडी में सामने आई है। विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र में खनन को नियंत्रित करने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। स्टडी के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में स्वान पुल के आसपास नदी तट और आसपास के क्षेत्रों में खनन गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। अवैध खनन के कारण भूमि कटाव, पानी के स्रोतों में कमी और पारिस्थितिक तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव देखा गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस क्षेत्र में खनन का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन की निगरानी चुनौतीपूर्ण हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नांगल के स्वान पुल के पास खनन गतिविधियों में इस बढ़ोतरी से नदी के बहाव और आसपास की मिट्टी की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसके गंभीर पर्यावरणीय और सामाजिक परिणाम सामने आ सकते हैं। स्थानीय निवासियों ने भी इस बढ़ती खनन गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और खेतों की मिट्टी की उर्वरता कम हो रही है। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खनन गतिविधियों की तत्काल निगरानी और सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय प्रशासन ने स्टडी की रिपोर्ट के बाद क्षेत्र में निरीक्षण शुरू किया है। अधिकारियों ने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी और इस क्षेत्र में पुलिस और पर्यावरण विभाग की संयुक्त टीम निगरानी रखेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आगे चलकर खनन को नियंत्रित करने के लिए नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और परमिट के बिना किसी भी खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्टडी में यह भी सुझाव दिया गया है कि खनन गतिविधियों के लिए तकनीकी समाधान अपनाए जाएं, जैसे ड्रोन निगरानी, जीपीएस ट्रैकिंग और नियमित सैटेलाइट इमेजिंग। इसके साथ ही स्थानीय समुदाय को भी पर्यावरण संरक्षण और खनन के प्रभावों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नांगल में स्वान पुल के पास खनन में चार गुना बढ़ोतरी न केवल पर्यावरणीय नुकसान का संकेत है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को भी जन्म दे सकता है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो नदी और आसपास के पारिस्थितिक तंत्र पर स्थायी प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए विशेषज्ञों ने प्रशासन और स्थानीय समुदाय से आग्रह किया है कि अवैध खनन को रोकने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएं और नांगल के स्वान पुल क्षेत्र को सुरक्षित और सतत विकास के मॉडल के रूप में संरक्षित किया जाए।