Punjab.पंजाब: मोहाली के एक प्रमुख टावर में आज आर्थिक अपराध शाखा (ED) की रेड के दौरान अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों के अनुसार, रेड के दौरान नौवीं मंजिल से 500 रुपये के नोटों से भरे बैग फेंके गए, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
ED ने यह कार्रवाई उस बिल्डिंग में संदिग्ध आर्थिक गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के तहत की। अधिकारियों का कहना है कि रेड के दौरान कई कमरे और कार्यालयों की तलाशी ली गई और बड़ी मात्रा में नकदी और दस्तावेज बरामद किए गए।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों ने बताया कि जैसे ही ED के अधिकारी पहुंचे, वहां अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग टावर से बाहर भाग गए, तो वहीं कुछ ने नौवीं मंजिल से बैग फेंकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और ED के सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को काबू में किया।
स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और टावर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। अधिकारियों ने कहा कि फेंके गए बैगों में नकदी के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी हो सकते हैं, जिन्हें तुरंत सुरक्षित किया गया।
ED के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की जा रही है। टावर में मिली बड़ी मात्रा में नकदी और दस्तावेज़ जांच के लिए सुरक्षित किए गए हैं। मामले की गहराई से जांच की जाएगी।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल वित्तीय अपराध की गंभीरता को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि आर्थिक जांच में तेजी और सतर्कता जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में फेंके गए नकदी के बैगों और दस्तावेजों की जांच से कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
मोहाली टावर के प्रबंधन ने भी स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टावर में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों की अनुमति नहीं है और ED की कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में टावर में सुरक्षा और निगरानी और बढ़ाई जाएगी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि टावर में अफरा-तफरी और डर का माहौल रहा, लेकिन ED और पुलिस के तेज़ी से नियंत्रण में आने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें।
इस घटना ने मोहाली और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक अपराधों के प्रति सतर्कता और जागरूकता बढ़ा दी है। ED की इस कार्रवाई को वित्तीय गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है।