जालंधर। शहर की औद्योगिक इकाइयों और आम लोगों पर बिजली संकट के बढ़ते असर को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा शहरी प्रधान अशोक सरीन हिक्की की अध्यक्षता में पार्टी नेताओं ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र एसडीएम-1 शुभी आंगरा को सौंपा। भाजपा नेताओं ने बिजली व्यवस्था में सुधार करने और विशेष रूप से औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध करवाने की मांग की।
भाजपा नेताओं का कहना है कि बिजली की कमी और अनियमित आपूर्ति के कारण जालंधर के उद्योगों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। बार-बार बिजली की समस्या आने से उत्पादन प्रक्रिया बाधित होती है और इसका सीधा असर उद्योगों की लागत और आमदनी पर पड़ रहा है। पार्टी ने सरकार से इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
औद्योगिक उत्पादन पर पड़ रहा असर
भाजपा नेताओं ने कहा कि जालंधर औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण शहर है। यहां बड़ी संख्या में लघु, मध्यम और अन्य औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं। खेल सामान, हाथ के औजार, इंजीनियरिंग उत्पाद और अन्य क्षेत्रों से जुड़े उद्योग शहर की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पार्टी नेताओं के अनुसार बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण इन इकाइयों की उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। मशीनों को बार-बार बंद और चालू करने से काम की गति कम होती है। कई औद्योगिक इकाइयों में बिजली पर आधारित मशीनरी के कारण लगातार आपूर्ति बेहद जरूरी होती है। बिजली बाधित होने पर उत्पादन रुक जाता है और तैयार माल की समय पर आपूर्ति करना भी मुश्किल हो जाता है।
भाजपा का कहना है कि यदि बिजली संकट लंबे समय तक जारी रहा तो इसका असर केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे उनसे जुड़े मजदूरों, कर्मचारियों, व्यापारियों और दूसरे कारोबारियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
उत्पादन लागत बढ़ने का दावा
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण उद्योगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उत्पादन प्रक्रिया बाधित होने से जहां ऑर्डर पूरे करने में देरी होती है, वहीं मशीनरी और श्रम से जुड़ी लागत भी प्रभावित होती है।
पार्टी नेताओं के मुताबिक उद्योग पहले से ही विभिन्न तरह की लागत और प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बिजली की समस्या उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही है। छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उनके पास बड़े उद्योगों की तरह अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध नहीं होते।
भाजपा ने सरकार से मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की जाए और जहां भी समस्या है, वहां तकनीकी स्तर पर उसका समाधान किया जाए।
शहरवासियों की परेशानी का भी मुद्दा
भाजपा नेताओं ने औद्योगिक इकाइयों के साथ शहरवासियों को हो रही परेशानी का भी मुद्दा उठाया। पार्टी का कहना है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति का असर घरेलू उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है। बिजली कटौती के कारण लोगों के रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं।
नेताओं ने कहा कि गर्मी और उमस के मौसम में बिजली की लगातार उपलब्धता आम लोगों के लिए भी जरूरी है। घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों का काम भी बिजली पर निर्भर है। ऐसे में बिजली संकट का व्यापक असर शहर की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा मांगपत्र
भाजपा नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा। यह मांगपत्र एसडीएम-1 शुभी आंगरा को दिया गया। इसमें बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने, औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाने और अनियमित आपूर्ति की समस्या दूर करने की मांग की गई।
पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार को बिजली आपूर्ति से जुड़े मामलों की निगरानी बढ़ानी चाहिए। जहां तकनीकी खामियां हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाए और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए।
भाजपा नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
भाजपा नेताओं ने पंजाब सरकार की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को आम लोगों और उद्योगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उनका कहना था कि उद्योग किसी भी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि उद्योगों को पर्याप्त और नियमित बिजली नहीं मिलेगी तो इसका असर निवेश, उत्पादन और रोजगार पर भी पड़ सकता है।
पार्टी ने कहा कि जालंधर के उद्योगों को निर्बाध बिजली देना केवल उद्योगपतियों की मांग नहीं है, बल्कि इससे हजारों लोगों की आजीविका भी जुड़ी हुई है। इसलिए सरकार को बिजली संकट को राजनीतिक मुद्दे के बजाय जनहित और आर्थिक विकास से जुड़े विषय के रूप में देखना चाहिए।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
मांगपत्र सौंपने के दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें पूर्व विधायक केडी भंडारी, पूर्व विधायक शीतल अंगुराल, पूर्व जिला प्रधान सुशील शर्मा, भाजपा नेता दिनेश ढल्ल, प्रदेश सचिव अमरजीत सिंह अमरी, महामंत्री राजेश कपूर और उद्योग प्रकोष्ठ के जिला संयोजक हैप्पी दीवान शामिल रहे।
भाजपा शहरी प्रधान अशोक सरीन हिक्की ने कहा कि पार्टी उद्योगों और शहरवासियों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि औद्योगिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर न पड़े।
उद्योगों के लिए नियमित बिजली जरूरी
जालंधर की पहचान देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में होती है और यहां के कई उद्योग देश-विदेश के बाजारों में अपने उत्पाद पहुंचाते हैं। ऐसे में उत्पादन इकाइयों के लिए बिजली की नियमित उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है।
भाजपा ने मांग की है कि बिजली संकट का स्थायी समाधान निकाला जाए और उद्योगों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि बिजली व्यवस्था में सुधार से न केवल उद्योगों का उत्पादन सामान्य होगा, बल्कि शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
अब देखना होगा कि भाजपा की ओर से सौंपे गए मांगपत्र के बाद पंजाब सरकार और संबंधित बिजली विभाग इस समस्या को लेकर क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल बिजली संकट को लेकर भाजपा के विरोध ने शहर में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है और औद्योगिक इकाइयों की बिजली आपूर्ति का मुद्दा चर्चा में आ गया है।