खालिस्तान समर्थक नारों के मामले में बड़ा खुलासा दो आरोपी गिरफ्तार
दो युवक गिरफ्तार विदेशी हैंडलर से संपर्क का दावा
अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में खालिस्तान समर्थक नारे लिखने के मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर सार्वजनिक स्थानों पर खालिस्तान के समर्थन में नारे लिखने का आरोप है। जांच के दौरान आरोपियों के कथित तौर पर एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में होने की बात भी सामने आई है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क और इसके पीछे मौजूद लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं।
अमृतसर में कुछ स्थानों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे जाने के बाद मामला सामने आया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू की गई और आसपास के इलाकों से जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान दो युवकों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच आगे बढ़ने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से पूछताछ के दौरान विदेशी कनेक्शन की बात सामने आने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे। हालांकि यह संपर्क किस माध्यम से हुआ और आरोपियों को नारे लिखने के लिए किस तरह निर्देश मिले, इन पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है कि नारे लिखने के बदले आरोपियों को किसी तरह की आर्थिक मदद या अन्य लाभ देने का वादा किया गया था या नहीं। इसके लिए उनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल संपर्कों से जुड़ी जानकारी की पड़ताल की जा सकती है। वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल विदेशी हैंडलर की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों से संपर्क करने वाला व्यक्ति कौन है और क्या वह पहले भी ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अमृतसर या पंजाब के दूसरे हिस्सों में उसका कोई अन्य नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। अगर पूछताछ या डिजिटल जांच के दौरान किसी और व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के नारे लिखे जाने के मामलों को सुरक्षा के लिहाज से गंभीरता से देखा जाता है। खासकर जब किसी मामले में विदेश से संपर्क की बात सामने आती है तो जांच एजेंसियां डिजिटल नेटवर्क, फंडिंग और निर्देश देने वाले लोगों की भूमिका की गहराई से पड़ताल करती हैं। फिलहाल दोनों युवक गिरफ्त में हैं और मामले की जांच जारी है। विदेशी हैंडलर से कथित संपर्क और पूरे नेटवर्क से जुड़ी विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।