Amritsar UPSC सिविल सेवा परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल करने से लेकर जिनेवा में हथियारों की कटौती (disarmament) के मुद्दों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने तक, अनमोल शेर सिंह बेदी ने IAS के बजाय इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) को चुना और कूटनीति (diplomacy) के क्षेत्र में अपना करियर बनाया। अमृतसर के रहने वाले इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) अधिकारी अनमोल शेर सिंह बेदी अभी स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 'कॉन्फ्रेंस ऑन डिसआर्मामेंट' (हथियारों की कटौती पर सम्मेलन) में भारत के स्थायी मिशन में सीनियर एडवाइजर (डिसआर्मामेंट) के तौर पर काम कर रहे हैं। मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर इस पद पर उनका नाम और इस मल्टीलेटरल फोरम (बहुपक्षीय मंच) पर उनके काम का ब्योरा दिया गया है।
कौन हैं अनमोल शेर सिंह बेदी?
बेदी तब चर्चा में आए जब उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2016 में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की। उस समय, अमृतसर के रहने वाले बेदी ने कहा था कि वे आमतौर पर पसंद की जाने वाली IAS सेवा के बजाय इंडियन फॉरेन सर्विस में शामिल होना चाहते हैं। अमृतसर में पले-बढ़े बेदी ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई स्प्रिंग डेल स्कूल से पूरी की और उसके बाद BITS पिलानी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की।
BITS पिलानी से भारतीय कूटनीति तक
IFS में शामिल होने के बाद, बेदी ने विदेश मंत्रालय में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में अंडर सेक्रेटरी के तौर पर काम किया और बाद में जिनेवा में कूटनीतिक जिम्मेदारियां संभालीं। 2018 में, विदेश मंत्रालय ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ ऑफिसर ट्रेनी चुना और नई दिल्ली में एक विदाई समारोह में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उन्हें गोल्ड मेडल दिया।
अनमोल बेदी जिनेवा में क्या करते हैं?
उनकी मौजूदा भूमिका उन्हें हथियारों की कटौती और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भारत की मल्टीलेटरल डिप्लोमेसी (बहुपक्षीय कूटनीति) के केंद्र में रखती है। आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि बेदी ने 'कॉन्फ्रेंस ऑन डिसआर्मामेंट' में परमाणु हथियारों की कटौती, बाहरी अंतरिक्ष की सुरक्षा और हथियारों पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा है। उन्होंने बायोलॉजिकल और टॉक्सिन हथियारों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। जिनेवा में उनके शुरुआती काम में विदेश मंत्रालय के 'डिसआर्मामेंट एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी अफेयर्स' डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी के तौर पर काम करना शामिल था।
अनमोल बेदी का अमृतसर से जुड़ाव
UPSC परीक्षा में बेदी की सफलता ने अमृतसर में काफी ध्यान आकर्षित किया था। उनके परिवार का भी एकेडमिक और समाज सेवा का बैकग्राउंड रहा है। उनके पिता, डॉ. सरबजीत सिंह बेदी, एक एकेडमिक हैं, जबकि उनकी माँ, जस्सी बेदी, एक NGO के साथ काम करती हैं। बेदी ने UPSC की तैयारी के दौरान मिले सहयोग के लिए अपने परिवार, खासकर अपनी बहन गुरसिमरन कौर बेदी को इसका श्रेय दिया है। अनमोल के पिता SS बेदी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (NIT), जालंधर में प्रोफ़ेसर हैं। उनके दादा, गजेंद्र सिंह बेदी, पंजाब पुलिस में DSP थे। अमृतसर में इंजीनियरिंग के छात्र से लेकर दुनिया के सबसे संवेदनशील सुरक्षा और निरस्त्रीकरण (disarmament) मुद्दों पर काम करने वाले डिप्लोमैट बनने तक, बेदी का सफ़र UPSC में दूसरी रैंक हासिल करने से लेकर जिनेवा में भारत के डिप्लोमैटिक मिशन तक रहा है।