Punjab.पंजाब: स्वर्ण मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध अमृतसर में एक बार फिर सड़कें जाम और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रही हैं। शहर के कई हिस्सों में दुकानदारों, ठेले वालों और निर्माण सामग्री के कारण सड़कों पर अतिक्रमण बढ़ गया है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
स्थानीय नागरिकों ने शिकायत की है कि अतिक्रमण के कारण न केवल आम लोगों की आवाजाही मुश्किल हो रही है, बल्कि इमरजेंसी सेवाओं के लिए भी रास्ते अवरुद्ध हो रहे हैं। विशेषकर गुरुद्वारा और प्रमुख बाजार क्षेत्रों में जाम आम बात बन गया है। नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण शहर की पवित्रता और शांति के लिए भी खतरा बन रहा है।
अधिकारी बताते हैं कि अतिक्रमण का पुनः उभरना कई कारणों से हो रहा है। इनमें प्रमुख हैं: नियमित निगरानी का अभाव, ट्रैफिक नियमों का पालन न होना, और कुछ व्यापारियों द्वारा सार्वजनिक भूमि पर अपने व्यवसाय का विस्तार करना। उन्होंने यह भी माना कि कोविड-19 के बाद व्यापार और यातायात बढ़ने से शहर में सड़क पर कब्जे की घटनाएं बढ़ गई हैं।
शहर प्रशासन ने कहा कि वे नियमित सफाई अभियान और अतिक्रमण हटाने के कार्य कर रहे हैं, लेकिन कई बार स्थानीय विरोध और विरोधाभासी नीतियों के कारण इन पहलों को प्रभावी रूप से लागू करना मुश्किल हो जाता है। नगर निगम अधिकारी ने बताया कि विशेष अभियान चलाकर मुख्य बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए नियोजन और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अतिक्रमण सिर्फ कानूनी उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह शहर की यातायात व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं और सार्वजनिक सुरक्षा पर भी प्रभाव डालता है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन को स्थायी नीतियां बनानी होंगी और नागरिकों को भी जागरूक करना होगा ताकि सार्वजनिक भूमि सुरक्षित रहे।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि अगर शहर की सड़कों को सुचारु और सुरक्षित नहीं बनाया गया, तो यह पर्यटन और धार्मिक माहौल दोनों के लिए नुकसानदेह साबित होगा।