Punjab.पंजाब: अमृतसर में मौसम की हल्की गर्मी ने शहर के पारंपरिक ठंडे पेय और मुरब्बा विक्रेताओं की कमर तोड़ दी है। शहर में आमतौर पर गर्मियों में शरबत, मुरब्बा और ठंडे पेयों की बिक्री में इजाफा होता है, लेकिन इस बार हल्की गर्मी के कारण ग्राहकों की संख्या में noticeable कमी देखी गई है। स्थानीय बाजारों में दुकानदारों ने बताया कि पिछले सालों की तुलना में इस बार बिक्री में लगभग 30 से 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। गोलेवाल मार्केट, कौल मार्केट और अन्य प्रमुख बाजारों में शरबत और मुरब्बा विक्रेता कम ग्राहक पाकर निराश हैं। व्यापारी कहते हैं कि हल्की गर्मी और मौसम में ठंडक ने लोगों को घर में ठंडे पेयों और मुरब्बों की आवश्यकता कम कर दी है।
शरबत विक्रेता अमनदीप सिंह ने बताया, "हम हर साल गर्मियों की शुरुआत में शरबत की अधिक मात्रा तैयार करते हैं, लेकिन इस बार मांग इतनी कम है कि कई बोतलें और सामग्री खराब होने लगी हैं। लोग घरों में पानी और आमतौर पर ठंडे पेय ही पी रहे हैं।" इसी तरह, मुरब्बा बेचने वाले संदीप कुमार ने कहा, "गर्मी कम होने की वजह से मुरब्बों की बिक्री पर असर पड़ा है। लोग खास अवसर या त्योहारों में ही मुरब्बा खरीद रहे हैं, जबकि आमतौर पर गर्मियों में हर दिन कुछ मात्रा में खरीदी जाती थी।" विशेषज्ञों का कहना है कि अमृतसर में इस समय मौसम की हल्की गर्मी आम लोगों की रोजमर्रा की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है। हल्की गर्मी के कारण पारंपरिक ठंडे पेयों और मुरब्बों की मांग कम हो रही है। इसके अलावा, पर्यावरणीय और आर्थिक कारण भी बाजार में ग्राहकों की संख्या को प्रभावित कर रहे हैं।
हालांकि, दुकानदार उम्मीद कर रहे हैं कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी और तापमान सामान्य स्तर तक पहुंचेगा, वैसे-वैसे शरबत और मुरब्बा की मांग फिर से बढ़ेगी। स्थानीय बाजार समितियों ने भी दुकानदारों को सलाह दी है कि वे अपनी सामग्री की स्टॉकिंग और पैकेजिंग में सावधानी बरतें, ताकि नुकसान से बचा जा सके। ग्राहकों का कहना है कि हल्की गर्मी के बावजूद वे गर्मी बढ़ने पर ही शरबत और मुरब्बा खरीदना पसंद करेंगे। ज्यादातर लोग घर पर ठंडे पेय या फ्रिज में रखे जूस का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी इस मौसम के मद्देनजर दुकानदारों को गाइडलाइन दी है कि वे ताजगी और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक ताजगी और गुणवत्ता पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, और यही कारण है कि बिक्री प्रभावित हो रही है।