Punjab भारत-पाकिस्तान सीमा की बाड़ से 500 मीटर दूर बसे गाँव 'रोरावाला खुर्द' में एक साधारण से घर में रहने वाले व्यक्ति के बारे में देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि वह सीमा पार से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के मामले में पुलिस जाँच का सामना कर रहा है। सीमा के पास रहने वाले और रोज़ाना कंटीली बाड़ देखने वाले 24 साल के दीपक सिंह को उससे कोई डर नहीं लगता था। पुलिस के मुताबिक, तीन महीनों के दौरान दीपक ने ड्रोन से गिराए गए ड्रग्स और हथियारों की खेप लेने के लिए 30 से ज़्यादा बार चक्कर लगाए — यानी लगभग हर तीन दिन में एक बार। इन कथित चक्करों की संख्या जाँच का मुख्य केंद्र बन गई है।
जाँच के अनुसार, उसे हर खेप लेने और उसे आगे पहुँचाने के लिए 5,000 से 10,000 रुपये मिलते थे। दीपक का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। रोरावाला खुर्द के सरपंच तरसेम सिंह ने बताया कि उसके दादाजी की मौत के बाद उसका परिवार लगभग एक साल पहले इस गाँव में रहने आया था। उसका परिवार ज़्यादातर काम के सिलसिले में बाहर ही रहता था। यहाँ आने के कुछ ही महीनों के भीतर दीपक को ड्रग्स की लत लग गई और बाद में वह तस्करी करने लगा।
दीपक के पिता लुधियाना में चिमनी बनाने और उनकी मरम्मत का काम करते हैं। सीमा के पास वाला घर अब बाहर से बंद है। दीपक की गिरफ्तारी के बाद परिवार पुलिस की प्रताड़ना के डर से घर छोड़कर कहीं चला गया। घर की बाहरी दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हैं। गेट के खुले हिस्सों से झाँकने पर दो कमरों का ढाँचा दिखाई देता है, जिसमें एक नया बना पक्का कमरा और छत पर एयर कंडीशनर की आउटडोर यूनिट लगी है।
घरिंडा पुलिस स्टेशन के SHO अमनदीप सिंह ने कहा, "उसका काम काफ़ी आसान लेकिन अहम था — सीमा के पास तय जगह पर पहुँचना, खेप लेना और उसे वापस लाना।" इन खेपों में हेरोइन और हथियार शामिल थे। दीपक की गिरफ्तारी और 5 किलो हेरोइन व 15 पिस्तौल की बरामदगी ने उस नेटवर्क की बड़ी जाँच का रास्ता खोल दिया है, जिसका वह कथित तौर पर हिस्सा था। दीपक को कथित तौर पर अपने हैंडलर्स से लोकेशन मिलती थी और वह खेप लेने के लिए सीमा तक जाता था। IG (बॉर्डर रेंज) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि उसके कथित साथी शुभप्रीत ने सामान को स्टोर करने और बाद में उसे बांटने का काम संभाला था। जांच करने वालों ने पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर की पहचान की है, जो 'भानु' नाम का इस्तेमाल करता था और इस पूरे काम का मुख्य ऑपरेटर था। शक है कि नॉर्थ अमेरिका में बैठे एक हैंडलर ने भी आरोपियों को आपस में जोड़ा था। पुलिस ने कहा, "जांच के दौरान कुछ और नाम भी सामने आए हैं और उन्हें ढूंढने की कोशिश की जा रही है।"