Mohali मोहाली एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने 'इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग लिमिटेड' के सेक्रेटरी अजय सहगल के खिलाफ मोहाली की स्पेशल कोर्ट (PMLA) में केस दर्ज किया है। उन पर लगभग 348 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग (अवैध तरीके से कमाए गए पैसे को वैध बनाना) का आरोप है। 20 जुलाई को दर्ज की गई यह शिकायत पंजाब पुलिस द्वारा सहगल और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज FIR पर आधारित है। इन लोगों पर जाली सहमति पत्रों (consent letters) के जरिए ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव (CLU) की मंज़ूरी हासिल करने का आरोप है। ED ने 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002' के तहत अपनी जांच शुरू की थी।
ED के अनुसार, जांच में पता चला कि सहगल ग्रेटर मोहाली इलाके में 108.58 एकड़ कृषि भूमि पर "सनटेक सिटी" नाम के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से जुड़ी अवैध कमाई (proceeds of crime) करने और उसे छिपाने के मुख्य सूत्रधार (mastermind) थे। आरोप है कि सोसाइटी ने CLU की मंज़ूरी पाने के लिए 'टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट' को जाली सहमति पत्र सौंपे थे, जिसके बाद GMADA ने रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट के लिए लाइसेंस जारी कर दिया था।
एजेंसी का दावा है कि 'पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट' की धारा 85 के तहत आंशिक CLU रद्द किए जाने के बाद भी आरोपी अवैध कमाई करते रहे। मई और जून 2026 में सहगल से जुड़ी कई जगहों पर ED की तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज़ और 30.98 लाख रुपये बरामद हुए।