Punjab.पंजाब: अबोहर के निकट मलूकपुरा गांव में बीती रात नहर में दरार आने से करीब 1000 एकड़ में लगी कपास व अन्य फसलें जलमग्न हो गई। नहर विभाग के अधिकारी आज सुबह मौके पर पहुंचे और दरार को भरने का काम शुरू किया। जगसीर सिंह व अन्य किसानों ने बताया कि उन्होंने नहर के पास चूहों आदि द्वारा बनाए गए सैकड़ों बिलों के बारे में फील्ड स्टाफ को बार-बार सूचित किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब क्षेत्र में करीब 200 फुट चौड़ी दरार आ गई है। किसानों ने बताया कि दरार के कारण करीब 150 ट्यूबवेल भी जलमग्न हो गए हैं। कुछ घरों में भी पानी भर गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नहर विभाग पूरी क्षति के लिए जिम्मेदार है और प्रशासन को उन्हें मुआवजा देना चाहिए।
नहर विभाग के उपमंडल अधिकारी जसविंदर सिंह विर्क ने बताया कि उन्हें रात करीब एक बजे नहर में दरार आने की सूचना मिली। संबंधित अधिकारियों को तुरंत नहर में पानी की आपूर्ति बंद करने का संदेश भेजा गया। विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मरम्मत का काम शुरू किया गया। विधायक संदीप जाखड़ ने कहा कि नहर विभाग की लापरवाही के कारण इस साल अबोहर क्षेत्र में बार-बार नहरें टूटी हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार नहर प्रणाली के अंतिम छोर पर रहने वाले किसानों को पानी उपलब्ध कराने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल को दोषी अधिकारियों की पहचान करने के लिए जांच का आदेश देना चाहिए और प्रभावित किसानों को मुआवजा देना चाहिए।