10 महीने की तलाश खत्म, विदेश से दबोचा गया वांछित गैंगस्टर गुरविंदर अफरीदी
चंडीगढ़। पंजाब में गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पंजाब पुलिस ने 10 महीने तक चले अंतरराष्ट्रीय तलाशी अभियान के बाद वांछित गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ 'अफरीदी' को इथियोपिया से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन शहीद' के तहत अंजाम दिया गया। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने रविवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर शुरू किया गया यह अभियान खुफिया सूचनाओं और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से सफल हुआ है।DGP गौरव यादव के अनुसार, गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी लंबे समय से पंजाब पुलिस के लिए वांछित था। उसकी तलाश के लिए राज्य पुलिस की विभिन्न इकाइयों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाया। इस दौरान केंद्रीय जांच एजेंसियों और इथियोपिया स्थित भारतीय दूतावास का भी सहयोग लिया गया। संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप 6 नवंबर 2026 को उसे इथियोपिया से डिपोर्ट कर भारत वापस लाया गया।
20 जनवरी 2026 को शुरू हुआ था ऑपरेशन
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 20 जनवरी 2026 को इस विशेष अभियान की शुरुआत की गई थी। खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किए गए इस ऑपरेशन का उद्देश्य विदेशों में छिपकर आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले वांछित अपराधियों तक पहुंचना था।उन्होंने कहा कि गुरविंदर सिंह अफरीदी की तलाश के लिए पंजाब पुलिस ने लगातार सूचनाएं जुटाईं और संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों की तलाश करना एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है, क्योंकि इसमें अलग-अलग देशों की सुरक्षा एजेंसियों, कानूनी प्रक्रियाओं और कूटनीतिक समन्वय की आवश्यकता होती है।DGP ने कहा कि विभिन्न पुलिस इकाइयों, केंद्रीय एजेंसियों और इथियोपिया में भारतीय दूतावास के संयुक्त प्रयासों से यह कार्रवाई पूरी हो सकी। उन्होंने इस सफलता को संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
केंद्रीय एजेंसियों और भारतीय दूतावास का मिला सहयोग
गुरविंदर सिंह अफरीदी को भारत वापस लाने की कार्रवाई में कई स्तरों पर समन्वय किया गया। पंजाब पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी तलाश शुरू की थी। इसके बाद संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ सूचनाएं साझा की गईं।विदेश में किसी वांछित अपराधी की पहचान और उसे भारत वापस लाने के लिए संबंधित देश की प्रशासनिक एवं कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है। इस मामले में इथियोपिया स्थित भारतीय दूतावास ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया।पुलिस महानिदेशक ने बताया कि इन सभी संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल के कारण 6 नवंबर को अफरीदी को इथियोपिया से डिपोर्ट कराने में सफलता मिली। यह कार्रवाई दिखाती है कि विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग कितना महत्वपूर्ण है।
विदेश में छिपे गैंगस्टरों पर पुलिस की नजर
पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क और संगठित अपराध लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। कई मामलों में वांछित अपराधी विदेशों में जाकर छिप जाते हैं और वहां से अपने नेटवर्क के जरिए आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने की कोशिश करते हैं। ऐसे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को देश के बाहर भी कार्रवाई और सूचनाओं का आदान-प्रदान करना पड़ता है।पंजाब पुलिस की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियानों में ऐसे वांछित अपराधियों की पहचान, उनके ठिकानों की जानकारी जुटाने और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। 'ऑपरेशन शहीद' भी इसी दिशा में चलाया गया अभियान है।गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से वापस लाना पंजाब पुलिस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अभियान लगभग 10 महीने तक चला। इस दौरान पुलिस ने लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश जारी रखी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर कार्रवाई
DGP गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि यह अभियान मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर शुरू किया गया था। राज्य सरकार की ओर से गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को ऐसे अपराधियों के खिलाफ खुफिया तंत्र मजबूत करने और विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा गया है।पुलिस महानिदेशक ने कहा कि अभियान की सफलता में सभी संबंधित इकाइयों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने यह भी बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू की गई कार्रवाई को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया।
भारत वापसी के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर
गुरविंदर सिंह अफरीदी को 6 नवंबर को इथियोपिया से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है। अब इस मामले में आगे की पुलिस और कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर सकती हैं और उसके खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।हालांकि, DGP के उपलब्ध बयान में अफरीदी के खिलाफ दर्ज विशिष्ट मामलों, उसके कथित आपराधिक नेटवर्क और भारत पहुंचने के बाद की विस्तृत कानूनी प्रक्रिया की जानकारी नहीं दी गई है।पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई को विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। 20 जनवरी को शुरू हुआ ऑपरेशन 6 नवंबर को अफरीदी की वापसी के साथ एक अहम पड़ाव पर पहुंचा है। पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि विदेशों में छिपकर कानून से बचने की कोशिश करने वाले वांछित अपराधियों तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।