घर के अंदर आग से बुरी तरह झुलसी महिला 80 प्रतिशत जला शरीर भुवनेश्वर रेफर
पुरी। ओडिशा के पुरी जिले में बुधवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। कुम्भारपाड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के डोम साही इलाके में करीब 30 वर्षीय महिला अपने घर के अंदर गंभीर रूप से झुलस गई। घायल महिला की पहचान सरोजिनी मल्लिक के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आग की चपेट में आने से उसका शरीर करीब 80 प्रतिशत तक जल गया। गंभीर हालत में उसे पहले पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए भुवनेश्वर रेफर कर दिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना बुधवार रात करीब 8 बजे हुई। आसपास रहने वाले लोगों ने अचानक सरोजिनी के घर के अंदर से चीखने की आवाज सुनी। आवाज सुनते ही पड़ोसी उसके घर की तरफ दौड़े। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि महिला आग की लपटों में घिरी हुई थी और उसके कपड़े जल चुके थे। यह देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
पड़ोसियों ने तत्काल महिला को बचाने की कोशिश शुरू की। किसी तरह आग बुझाकर उसे गंभीर हालत में घर से बाहर निकाला गया। इसके बाद बिना समय गंवाए उसे इलाज के लिए पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया गया। महिला के शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस चुका था, जिसके कारण उसकी हालत गंभीर बताई गई।
अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार किया। करीब 80 प्रतिशत तक शरीर झुलसने के कारण डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। इसके बाद उसे एम्बुलेंस के जरिए भुवनेश्वर भेजा गया, जहां उसका आगे का इलाज किया जाना है।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि आखिर महिला के घर के अंदर आग कैसे लगी और वह इतनी बुरी तरह इसकी चपेट में कैसे आई। फिलहाल घटना के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने महिला की चीख सुनकर तुरंत प्रतिक्रिया दी। पड़ोसियों की तत्परता के कारण उसे समय रहते आग की लपटों से बाहर निकाला जा सका और अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि तब तक महिला गंभीर रूप से झुलस चुकी थी।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर महिला के परिवार और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई जा सकती है। मामले में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि आग लगने के समय महिला घर में अकेली थी या वहां कोई अन्य व्यक्ति भी मौजूद था। इसके अलावा आग की शुरुआत किस स्थान से हुई और घर में ऐसी कौन सी वस्तु मौजूद थी जिससे आग तेजी से फैल सकती थी, यह भी जांच का विषय है।
महिला के करीब 80 प्रतिशत तक झुलसने की जानकारी ने मामले की गंभीरता बढ़ा दी है। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के इलाज में विशेष चिकित्सा निगरानी की जरूरत होती है। इसी वजह से पुरी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे भुवनेश्वर भेजने का निर्णय लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार महिला के घर से अचानक चीखने की आवाज आई थी। पड़ोसी जब अंदर पहुंचे तो उसके कपड़ों में आग लगी हुई थी। लोगों ने तत्काल आग बुझाई और उसे बचाने का प्रयास किया। इसके बाद घायल महिला को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।
फिलहाल इस घटना के पीछे किसी तरह की आपराधिक गतिविधि होने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आग लगने के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि महिला किस परिस्थिति में आग की चपेट में आई।
ऐसे मामलों में घटनास्थल की जांच महत्वपूर्ण होती है। घर के अंदर मौजूद ज्वलनशील पदार्थ, रसोई गैस, बिजली के उपकरण या अन्य संभावित कारणों की जांच से आग लगने की वजह का पता लगाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा घायल महिला का बयान भी मामले की वास्तविक परिस्थितियों को समझने के लिए अहम हो सकता है, हालांकि उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बयान दर्ज करने की स्थिति उसके स्वास्थ्य पर निर्भर करेगी।
घटना के बाद डोम साही इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। स्थानीय लोग महिला की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने चीख सुनते ही महिला की मदद की और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया।
पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे भुवनेश्वर रेफर किया। इसके बाद एम्बुलेंस के जरिए उसे वहां ले जाया गया। अब डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है।
घटना ने एक बार फिर घरों में आग से सुरक्षा को लेकर सतर्कता की जरूरत को सामने रखा है। रसोई गैस, बिजली के उपकरण और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं का इस्तेमाल करते समय सावधानी बेहद जरूरी है। हालांकि सरोजिनी के मामले में आग किस कारण लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है और आधिकारिक जांच के बाद ही इसकी सही वजह सामने आ सकेगी।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता गंभीर रूप से घायल सरोजिनी मल्लिक के स्वास्थ्य को लेकर है। करीब 80 प्रतिशत शरीर झुलसने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए भुवनेश्वर भेजा गया है। दूसरी ओर घटना के कारणों को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल बने हुए हैं। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बुधवार रात डोम साही स्थित घर के अंदर आखिर क्या हुआ था।