सुंदरगढ़। ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन नाबालिग बच्चियों की मौत हो गई। रायबोगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सलांगाबहाल पंचायत के मझटोली गांव में संख नदी में डूबने से तीनों बच्चियों ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

बताया जा रहा है कि तीनों बच्चियां गांव की अन्य लड़कियों के साथ पूजा के लिए नदी से रेत इकट्ठा करने गई थीं। रेत लेने से पहले सभी बच्चियां नदी में नहाने के लिए उतरीं। इसी दौरान तीन बच्चियां गहरे पानी में चली गईं और डूब गईं।

मृत बच्चियों की पहचान सिबिका साहू (6), गीतिका साहू (6) और श्रुति साहू (8) के रूप में हुई है। तीनों मझटोली गांव की रहने वाली थीं।

पूजा के लिए रेत लेने गई थीं बच्चियां

जानकारी के अनुसार, मझटोली गांव की करीब 15 नाबालिग लड़कियों का समूह पूजा की तैयारी के लिए संख नदी के किनारे गया था। परंपरा के अनुसार पूजा के लिए रेत इकट्ठा करने के उद्देश्य से वे नदी के पास पहुंची थीं।

रेत लेने से पहले लड़कियां नदी में स्नान करने लगीं। इसी दौरान कुछ बच्चियां नदी के ऐसे हिस्से में पहुंच गईं जहां पानी ज्यादा गहरा था।

देखते ही देखते तीन बच्चियां पानी में डूबने लगीं। उनके साथ मौजूद अन्य लड़कियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सकीं।

चीख सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण

घटना के दौरान बच्चियों के पानी में गायब होने पर उनके साथ मौजूद अन्य लड़कियां घबरा गईं और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया।

बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास रहने वाले ग्रामीण तुरंत नदी की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने पानी में उतरकर डूबी हुई बच्चियों को बाहर निकालने की कोशिश की।

काफी प्रयास के बाद तीनों बच्चियों को नदी से बाहर निकाला गया। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना दी।

अस्पताल ले जाने से पहले हुई मौत

ग्रामीणों और पुलिस की मदद से बच्चियों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।

स्थानीय स्तर पर उन्हें बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन तीनों बच्चियों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चियों के शव देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

एक साथ तीन मासूम बच्चियों की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया।

रायबोगा पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद रायबोगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ और क्या नदी के उस हिस्से में पहले से कोई खतरा मौजूद था।

घटना से जुड़े लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई जा रही है।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने तीनों बच्चियों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन बच्चियों को परिवार पूजा की तैयारी के लिए भेज रहा था, उनकी मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया।

परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी इस घटना से दुखी हैं और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जता रहे हैं।

गांव में रहने वाले लोगों का कहना है कि इतनी छोटी उम्र में तीन बच्चियों की जान जाना बेहद दुखद घटना है।

नदी किनारे सुरक्षा को लेकर चिंता

इस हादसे के बाद नदी किनारे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीण इलाकों में बच्चे अक्सर नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों के पास जाते हैं, जहां अचानक गहरे पानी में जाने का खतरा रहता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को जल स्रोतों के पास जाने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। खासकर बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है।

स्थानीय प्रशासन से भी उम्मीद की जाती है कि ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

गांव में पसरा मातम

मझटोली गांव में इस घटना के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों के लिए यह हादसा बेहद दर्दनाक है, क्योंकि तीनों बच्चियां गांव की ही थीं और एक साथ उनकी मौत ने पूरे समुदाय को झकझोर दिया है।

पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है। फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की जल स्रोतों के पास सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

संख नदी में हुए इस हादसे में तीन मासूम जिंदगियां खत्म हो गईं, जिससे तीन परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं।

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