भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को बताया कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके अगले 12 घंटों में और ताकतवर होकर 'डीप डिप्रेशन' में बदलने की बहुत अधिक संभावना जताई गई है। सिस्टम के उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ने के कारण तटीय क्षेत्रों में मौसम बिगड़ने की आशंका है।
आईएमडी के अनुसार यह सिस्टम पिछले छह घंटों के दौरान करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा। मंगलवार सुबह 8:30 बजे इसका केंद्र 17.9 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 86.0 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास दर्ज किया गया।
गोपालपुर से करीब 200 किलोमीटर दूर
मौसम विभाग के अनुसार डिप्रेशन का केंद्र मंगलवार सुबह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था। वहीं आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से यह लगभग 200 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था।
सिस्टम पुरी से करीब 210 किलोमीटर दक्षिण और विशाखापत्तनम से लगभग 290 किलोमीटर पूर्व में केंद्रित था।
मौसम वैज्ञानिक इस सिस्टम की दिशा और तीव्रता पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। समुद्र के ऊपर अनुकूल परिस्थितियां मिलने के कारण इसके और मजबूत होने की संभावना जताई गई है।
अगले 12 घंटे बेहद अहम
आईएमडी के मुताबिक अगले 12 घंटे इस मौसमी सिस्टम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। डिप्रेशन के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
इस दौरान पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर इसके डीप डिप्रेशन में बदलने की बहुत अधिक संभावना है।
डिप्रेशन के डीप डिप्रेशन में बदलने पर समुद्र में हवाओं की गति और लहरों की ऊंचाई बढ़ सकती है। इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवा और भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
23 सितंबर की रात तट के करीब पहुंचेगा सिस्टम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार डीप डिप्रेशन में बदलने के बाद भी सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते रहने की संभावना है।
इसके 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों तक पहुंचने की उम्मीद है।
आईएमडी का अनुमान है कि यह सिस्टम विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच तट को पार कर सकता है। तट पार करते समय इसके डीप डिप्रेशन की तीव्रता बनाए रखने की संभावना जताई गई है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश पर सबसे ज्यादा नजर
सिस्टम की संभावित दिशा को देखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसके प्रभाव से समुद्र के आसपास के इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है।
तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश बढ़ने की संभावना रहती है। डीप डिप्रेशन के तट के करीब पहुंचने के साथ इसका असर अंदरूनी क्षेत्रों में भी दिखाई दे सकता है।
हालांकि बारिश और हवा की वास्तविक तीव्रता सिस्टम के आगे बढ़ने की दिशा और तट पार करने के समय उसकी ताकत पर निर्भर करेगी।
समुद्र में बढ़ सकती है हलचल
डिप्रेशन के मजबूत होने के कारण बंगाल की खाड़ी में समुद्री परिस्थितियां खराब होने की आशंका है। ऐसे सिस्टम के दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं और हवा की गति भी बढ़ सकती है।
मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।
मौसम विभाग सिस्टम की स्थिति को लेकर नियमित अपडेट जारी कर रहा है। तट की ओर इसके बढ़ने के साथ समुद्र की स्थिति में बदलाव की जानकारी भी सामने आती रहेगी।
क्या होता है डीप डिप्रेशन?
समुद्र के ऊपर बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र जब लगातार मजबूत होता है तो अलग-अलग चरणों में उसकी तीव्रता का वर्गीकरण किया जाता है। डिप्रेशन के और मजबूत होने पर उसे डीप डिप्रेशन की श्रेणी में रखा जाता है।
डीप डिप्रेशन की स्थिति में हवा की रफ्तार सामान्य डिप्रेशन की तुलना में अधिक होती है। हालांकि डीप डिप्रेशन और चक्रवाती तूफान अलग-अलग श्रेणियां हैं।
आईएमडी सिस्टम में हवा की गति और अन्य मौसम संबंधी मानकों के आधार पर उसकी श्रेणी निर्धारित करता है।
तटीय इलाकों में प्रशासन की बढ़ी सतर्कता
सिस्टम के उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट की तरफ बढ़ने के पूर्वानुमान के बाद प्रभावित होने की संभावना वाले क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण हो गया है।
भारी बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।
तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे ढांचों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
सिस्टम की हर गतिविधि पर IMD की नजर
आईएमडी बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम को लगातार ट्रैक कर रहा है। मौसम विभाग उपग्रह, रडार और अन्य तकनीकी माध्यमों से इसकी गति, दिशा और तीव्रता का आकलन कर रहा है।
मंगलवार सुबह तक सिस्टम लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा था। अगले 12 घंटों में इसके डीप डिप्रेशन बनने की संभावना को देखते हुए आने वाले मौसम अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।
24 सितंबर की सुबह तक तट पार करने का अनुमान
मौजूदा पूर्वानुमान के मुताबिक सिस्टम 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट को पार कर सकता है।
तट पार करने के समय इसके डीप डिप्रेशन के रूप में बने रहने की संभावना है। ऐसे में 23 और 24 सितंबर के दौरान तटीय क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियां तेज रह सकती हैं।
मौसम विभाग ने सिस्टम की दिशा और ताकत में होने वाले बदलावों को लेकर नियमित बुलेटिन पर नजर रखने की सलाह दी है। लोगों को भी स्थानीय प्रशासन और आईएमडी की नवीनतम चेतावनियों के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए।