भुवनेश्वर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के छह राज्यों में राज्यपालों की नई नियुक्तियों और फेरबदल की घोषणा की है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, झारखंड के पलामू संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य रह चुके वरिष्ठ भाजपा नेता ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उन्हें यह दायित्व मिलने से झारखंड के राजनीतिक गलियारों में हर्ष का माहौल है। अन्य बदलावों में सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को केरल और केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु की जिम्मेदारी दी गई है।
ब्रज मोहन राम की नियुक्ति झारखंड के संदर्भ में विशेष महत्व रखती है, क्योंकि वह पलामू संसदीय क्षेत्र का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता के रूप में पहचान रखने वाले राम को अब ओडिशा में राज्यपाल का दायित्व संभालना है। उनकी नई भूमिका की घोषणा राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति में की गई है। लोकसभा सदस्य के रूप में उनकी पूर्व जिम्मेदारी और राज्यपाल के रूप में मिला नया दायित्व उनके सार्वजनिक जीवन के दो अलग पड़ाव हैं। नई नियुक्ति के साथ उनका नाम ओडिशा से जुड़ गया है।
पलामू से लोकसभा सदस्य रह चुके नेता को राज्यपाल बनाए जाने की खबर झारखंड के राजनीतिक गलियारों में खुशी का विषय बनी है। उपलब्ध विवरण में उनकी नियुक्ति पर हर्ष का माहौल होने की बात कही गई है। हालांकि, किसी विशेष नेता, संगठन या पदाधिकारी की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए किसी व्यक्ति के नाम से बधाई संदेश या बयान जोड़ना उचित नहीं होगा। फिलहाल सामने आई जानकारी ब्रज मोहन राम की नियुक्ति और झारखंड में इसे लेकर व्यक्त हो रही प्रसन्नता से संबंधित है।
राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार, यह निर्णय छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्तियों और फेरबदल का हिस्सा है। इनमें कुछ नाम नई जिम्मेदारियों के लिए घोषित किए गए हैं, जबकि कुछ मौजूदा राज्यपालों को दूसरे राज्यों में भेजा गया है। ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, ओम प्रकाश माथुर और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के मामले में राज्य बदले गए हैं। इस तरह घोषणा में नई नियुक्ति और स्थानांतरण, दोनों प्रकार के निर्णय शामिल हैं।
ओम प्रकाश माथुर को सिक्किम से स्थानांतरित कर केरल का राज्यपाल बनाया गया है। अब तक उनकी जिम्मेदारी सिक्किम में थी। राष्ट्रपति के निर्णय के अनुसार, उन्हें केरल का दायित्व दिया गया है। केरल में राज्यपाल रहे राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु नियुक्त किए जाने के साथ माथुर को वहां की जिम्मेदारी मिली है। इन दोनों बदलावों का क्रम स्पष्ट है—माथुर सिक्किम से केरल जाएंगे और आर्लेकर केरल से तमिलनाडु जाएंगे। उपलब्ध विवरण में उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख नहीं बताई गई है।
राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की नई जिम्मेदारी तमिलनाडु में होगी। केरल के राज्यपाल के रूप में कार्य कर रहे आर्लेकर को राष्ट्रपति ने तमिलनाडु का दायित्व सौंपा है। यह नियुक्ति भी छह राज्यों के लिए घोषित बदलावों में शामिल है। हालांकि, तमिलनाडु में शपथ ग्रहण का कार्यक्रम या कार्यभार संभालने की समयसीमा दिए गए विवरण में नहीं है। इसलिए नियुक्ति की घोषणा को पदभार ग्रहण कर लेने की सूचना के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए। दोनों प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी अलग-अलग सामने आएगी।
ब्रज मोहन राम के लिए भी फिलहाल नियुक्ति की घोषणा हुई है। ओडिशा में उनके शपथ ग्रहण और कार्यभार संभालने के कार्यक्रम का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इसी तरह उनके कार्यकाल की शुरुआत की कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई है। राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति में उन्हें नया राज्यपाल नियुक्त किए जाने का तथ्य सामने आया है। आगे संबंधित कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर स्पष्ट होगा कि वह ओडिशा में अपनी नई जिम्मेदारी किस दिन संभालेंगे।
इस नियुक्ति की खबर में ब्रज मोहन राम का पलामू से संबंध प्रमुख है। झारखंड के संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य रह चुके नेता को दूसरे राज्य में राज्यपाल का दायित्व दिया गया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में उनके सांसद रहने की अवधि, चुनावी उपलब्धियों या अन्य संगठनात्मक पदों का ब्योरा शामिल नहीं है। इसलिए उनके राजनीतिक सफर के बारे में अतिरिक्त जानकारी जोड़ने के बजाय पूर्व लोकसभा सदस्य और वरिष्ठ भाजपा नेता के रूप में उनकी पहचान ही इस खबर का आधार है।
छह राज्यों में हुए बदलावों की घोषणा के बावजूद दिए गए विवरण में सभी नियुक्तियों की पूरी सूची शामिल नहीं है। यहां ओडिशा, केरल और तमिलनाडु से संबंधित निर्णय स्पष्ट रूप से बताए गए हैं। अन्य राज्यों में भी फेरबदल होने का उल्लेख है, लेकिन उनके नाम और नियुक्त व्यक्तियों का विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में खबर का प्रमुख ध्यान ब्रज मोहन राम की नियुक्ति तथा माथुर और आर्लेकर को मिली नई जिम्मेदारियों पर है। इन निर्णयों के कारणों का भी अलग उल्लेख नहीं किया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की घोषणा के बाद पलामू के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल बनने का दायित्व मिला है। झारखंड में उनकी नियुक्ति खुशी का विषय बनी है। साथ ही ओम प्रकाश माथुर को सिक्किम से केरल और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को केरल से तमिलनाडु भेजा गया है। आगे शपथ ग्रहण तथा पदभार ग्रहण के कार्यक्रम सामने आने पर इन नियुक्तियों के बाद कार्यभार संभालने की स्थिति स्पष्ट होगी।