Bhubaneswar.भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार की सुभद्रा योजना ने राज्य में वंचित और पिछड़ी महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। अधिकारियों के अनुसार, योजना के तहत 1.23 लाख महिलाओं को कुल 61 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और जीवन यापन में मदद मिली है।
सुभद्रा योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करना है। योजना के तहत वंचित, पिछड़ी और कमजोर वर्ग की महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जाती है, ताकि वे स्वावलंबी बन सकें और सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से मजबूत हों। इस बार 61 करोड़ रुपये के वितरण से महिला लाभार्थियों ने अपने व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में सुधार किया है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि योजना के लाभार्थियों में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र की महिलाएं शामिल हैं। वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की गई और सभी लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए गए। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि सहायता सीधे जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
महिला लाभार्थियों ने इस योजना को जीवन बदलने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय मदद से वे अपने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और छोटे व्यवसायों में निवेश कर सकती हैं। इसके अलावा, योजना ने महिलाओं में आत्मनिर्भर बनने की भावना और सामाजिक सम्मान को भी बढ़ाया है।
सुभद्रा योजना की सफलता में राज्य सरकार की सख्त निगरानी, डिजिटल लेन-देन और लाभार्थियों की पहचान अहम भूमिका निभा रही है। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत हर वर्ष लाभार्थियों की संख्या और वितरित राशि में वृद्धि की जाती है ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।
राज्य महिला और सामाजिक कल्याण विभाग के सचिव ने कहा कि सुभद्रा योजना सिर्फ वित्तीय मदद ही नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने का एक माध्यम भी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में योजना का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा और अधिक महिलाओं तक इसका लाभ पहुँचाया जाएगा।