भुवनेश्वर : राखी पूर्णिमा के पावन अवसर पर ओडिशा परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक अनोखा जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान में राखी के पारंपरिक संदेश को सड़क इस्तेमाल करने वालों के लिए "सुरक्षा के वादे" से जोड़ा गया। विभाग ने लोगों से अपील की कि वे सड़क पर चलते समय अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें और यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लें।

यह विशेष अभियान राजधानी भुवनेश्वर के एस्प्लेनेड मॉल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान परिवहन विभाग ने जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए उन वाहन चालकों और राइडर्स को सम्मानित किया, जो लगातार ट्रैफिक नियमों का पालन कर रहे हैं और सड़क पर सुरक्षित व्यवहार का उदाहरण पेश कर रहे हैं।

राखी के संदेश को जोड़ा सड़क सुरक्षा से

परिवहन विभाग ने इस अभियान के जरिए राखी के भावनात्मक संदेश को सड़क सुरक्षा से जोड़ने की कोशिश की। जिस तरह राखी भाई-बहन के बीच सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक मानी जाती है, उसी तरह सड़क पर हर व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी वाहन चालकों की है।

अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि सुरक्षित ड्राइविंग केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, गति सीमा का पालन करना और शराब पीकर वाहन न चलाना सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम हैं।

जिम्मेदार चालकों को मिला सम्मान

कार्यक्रम में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अमिताभ ठाकुर ने उन ड्राइवरों और राइडर्स को सम्मानित किया, जिन्होंने सड़क पर अनुशासन और जिम्मेदारी का परिचय दिया।

सम्मान के रूप में उन्हें प्रशंसा-पत्र और उपहार प्रदान किए गए। विभाग का उद्देश्य ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना था, जो यातायात नियमों का पालन कर दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान केवल नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि अच्छे व्यवहार करने वाले लोगों को भी प्रोत्साहित करना जरूरी है।

लोगों को दिए गए सुरक्षा के संदेश

कार्यक्रम के दौरान आम लोगों को सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अधिकतर सड़क हादसे तेज रफ्तार, लापरवाही, हेलमेट न पहनने और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं।

लोगों से अपील की गई कि वे वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और हमेशा सावधानी बरतें। साथ ही दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया।

युवाओं को जागरूक करने पर जोर

अभियान में युवाओं को विशेष रूप से जोड़ने का प्रयास किया गया। परिवहन विभाग का मानना है कि युवा वर्ग सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूक होगा तो दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों को बताया गया कि सड़क केवल वाहन चलाने के लिए नहीं, बल्कि सभी के सुरक्षित आवागमन के लिए है। इसलिए हर व्यक्ति को जिम्मेदारी के साथ सड़क नियमों का पालन करना चाहिए।

सड़क हादसों को रोकना विभाग की प्राथमिकता

ओडिशा परिवहन विभाग लगातार सड़क हादसों को कम करने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। विभाग की ओर से समय-समय पर हेलमेट अभियान, शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई और यातायात नियमों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि केवल चालान काटने से सड़क सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती। इसके लिए लोगों में जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना विकसित करना जरूरी है।

सुरक्षा का संकल्प लेने की अपील

राखी पूर्णिमा के मौके पर आयोजित इस अभियान के जरिए परिवहन विभाग ने लोगों को एक भावनात्मक संदेश दिया। विभाग ने अपील की कि हर नागरिक सड़क पर चलते समय सुरक्षा को प्राथमिकता दे और अपने परिवार की तरह दूसरों की जिंदगी की भी चिंता करे।

कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि एक छोटी सी सावधानी किसी की जिंदगी बचा सकती है। सुरक्षित ड्राइविंग को आदत बनाकर ही सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।

ओडिशा परिवहन विभाग का यह अभियान राखी के अवसर पर सुरक्षा और जिम्मेदारी का संदेश देने वाली एक खास पहल साबित हुआ।

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