रत्न भंडार की सूचीकरण प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, राज्य सरकार ने SOP को दी मंजूरी
Odisha ओडिशा: जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है। मंदिर प्रशासन के प्रमुख अरबिंद पाधी ने जानकारी देते हुए कहा कि रत्न भंडार की सूचीकरण (इन्वेंटरी) का कार्य बहुत शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। इस दिव्य और नाजुक कार्य के लिए ओडिशा सरकार ने विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP – स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) को मंजूरी दे दी है।
अरबिंद पाधी ने बताया कि रत्न भंडार का सूचीकरण एक अत्यंत पवित्र और सावधानीपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके लिए सभी सुरक्षा और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए SOP तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि यह कार्य धार्मिक परंपराओं, सुरक्षा मानकों और पारदर्शिता को ध्यान में रखकर किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, रत्न भंडार को जुलाई 2024 में 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद खोला गया था, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक घटना थी। इसके बाद से ही रत्नों और बहुमूल्य धरोहरों की व्यवस्थित सूचीकरण की तैयारी चल रही थी।
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया सरकार द्वारा अनुमोदित दिशानिर्देशों के तहत संपन्न होगी, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद की संभावना न रहे। इस कार्य को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भी उत्सुकता बनी हुई है।प्रशासन का कहना है कि सूचीकरण प्रक्रिया से मंदिर की संपत्तियों का सटीक दस्तावेजीकरण संभव होगा, जिससे भविष्य में संरक्षण और प्रबंधन में सुविधा मिलेगी।