भुवनेश्वर। ओडिशा के जयदेव विधानसभा क्षेत्र के विधायक नाबा किशोर मल्लिक ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जो पंचायतें अधिक से अधिक पेड़ लगाकर हरियाली बढ़ाने और अपने क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त बनाने में बेहतर काम करेंगी, उन्हें विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास फंड (MLA LAD Fund) से अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी।
विधायक ने यह घोषणा बुधवार को जयदेव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गडाश्रीरामपुर में आयोजित ‘क्लाइमेट पंचायत’ कार्यक्रम के दौरान की। यह कार्यक्रम ‘संबाद अमा ओडिशा’ की ओर से ‘अमा संगठन’ कार्यालय में आयोजित किया गया था।
पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नाबा किशोर मल्लिक ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर और स्वस्थ जीवन के लिए आज से ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गंभीर प्रयास करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना सभी की जिम्मेदारी है। विकास के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना जरूरी है, ताकि भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, पानी और बेहतर वातावरण मिल सके।
सिर्फ पौधे लगाना नहीं, देखभाल भी जरूरी
विधायक ने बड़े स्तर पर वृक्षारोपण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है। पौधों की नियमित देखभाल और उन्हें सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधे जब तक बड़े होकर पेड़ नहीं बनते, तब तक उनका संरक्षण सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है।
हर पंचायत में लगाए जाएंगे 100 पौधे
नाबा किशोर मल्लिक ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में 100 पौधे लगाने की योजना बनाई जाएगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि लगाए गए सभी पौधे सुरक्षित रहें और उनका सही तरीके से विकास हो।
उन्होंने कहा कि पंचायतों को वृक्षारोपण अभियान को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे नियमित गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाना चाहिए।
संबाद के वृक्षारोपण अभियान को समर्थन
विधायक ने ‘संबाद’ की ओर से चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे ऐसे अभियानों को उनका पूरा सहयोग मिलेगा।
उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं और पर्यावरण बचाने में अपनी भूमिका निभाएं।
प्लास्टिक मुक्त पंचायतों पर भी जोर
कार्यक्रम में विधायक ने प्लास्टिक प्रदूषण को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाज को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करना और वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहन
विधायक ने घोषणा की कि जो पंचायतें वृक्षारोपण और प्लास्टिक मुक्त अभियान दोनों क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करेंगी, उन्हें विधायक फंड से अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पंचायतों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और हरियाली को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीणों की भागीदारी जरूरी
विधायक ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का अभियान केवल सरकार या प्रशासन के भरोसे सफल नहीं हो सकता। इसमें ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय संगठनों की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जब पूरा समाज मिलकर काम करेगा, तभी पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
जलवायु परिवर्तन की चुनौती पर चर्चा
‘क्लाइमेट पंचायत’ कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बदलते मौसम, बढ़ता प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर कदम उठाने होंगे।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल
जयदेव विधानसभा क्षेत्र में विधायक की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है। पंचायतों को आर्थिक प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय स्तर पर वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियानों को गति मिलने की उम्मीद है।
विधायक ने कहा कि हर व्यक्ति को पर्यावरण बचाने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं।