नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 1999 के चर्चित ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे रवींद्र कुमार पाल उर्फ दारा सिंह को ओडिशा सरकार के फैसले को चुनौती देने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है।

ओडिशा सरकार ने दारा सिंह की समय से पहले रिहाई (premature release) की याचिका खारिज कर दी थी। इसी फैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें यह समय दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान ओडिशा सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि ओडिशा सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की याचिका पर विचार किया था।

राज्य सरकार ने कहा कि बोर्ड ने अपराध की गंभीरता, मामले से जुड़े तथ्यों और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए याचिका को खारिज किया है।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दारा सिंह को राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ उचित कानूनी चुनौती दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।

तीन सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की है। अदालत इस दौरान संबंधित पक्षों की दलीलों और कानूनी पहलुओं पर विचार करेगी।

मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है और समय से पहले रिहाई की मांग को लेकर यह सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

1999 का चर्चित हत्याकांड

दारा सिंह ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

22 जनवरी 1999 को ओडिशा के क्योंझर जिले के मनोहरपुर गांव में ग्राहम स्टेन्स और उनके दोनों बेटे फिलिप (10 वर्ष) और टिमोथी (6 वर्ष) की हत्या कर दी गई थी।

आरोप के अनुसार, जब वे एक स्टेशन वैगन में सो रहे थे, तभी वाहन में आग लगा दी गई थी, जिसमें तीनों की मौत हो गई थी।

उम्रकैद की सजा काट रहे हैं दारा सिंह

दारा सिंह की उम्र वर्तमान में 67 वर्ष है। इस मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था और वह उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

समय से पहले रिहाई के लिए उन्होंने राज्य सरकार के सामने आवेदन किया था, लेकिन ओडिशा सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने इसे अस्वीकार कर दिया।

अपराध की गंभीरता पर सरकार का पक्ष

ओडिशा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बोर्ड ने फैसला लेते समय अपराध की प्रकृति और गंभीरता समेत सभी जरूरी पहलुओं पर विचार किया।

सरकार का पक्ष है कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए समय से पहले रिहाई की याचिका स्वीकार नहीं की गई।

कानूनी प्रक्रिया जारी

अब दारा सिंह को ओडिशा सरकार के फैसले को चुनौती देने के लिए दो सप्ताह का समय मिला है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा।

समय से पहले रिहाई से जुड़े मामलों में अदालतें आमतौर पर अपराध की प्रकृति, दोषी का व्यवहार, सजा की अवधि और अन्य कानूनी पहलुओं पर विचार करती हैं।

मामले का ऐतिहासिक महत्व

ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड देश के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। इस घटना ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा पैदा की थी।

मामले में हुई कानूनी कार्रवाई और बाद की न्यायिक प्रक्रिया पर लंबे समय तक चर्चा होती रही है।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब सभी की नजर दारा सिंह की ओर से दाखिल की जाने वाली चुनौती और आने वाली सुनवाई पर बनी हुई है।

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