ओडिशा में बाढ़ से 2 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, सीएम ने हर संभव मदद का दिया भरोसा
Bhubaneswar भुवनेश्वर। ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ से दो लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार के लिए हर नागरिक की जान और सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। सीएम मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया कि वह राज्य भर में बाढ़ की स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से कड़ी नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा, "राज्य के हर नागरिक की जान और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेरी सरकार और मैं लगातार हो रही बारिश और कुछ नदियों में बाढ़ की स्थिति पर हर पल बारीकी से नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव और विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की है और पूरे प्रशासनिक तंत्र को प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री माझी ने आग्रह किया, "मैं आप सभी से अपील करता हूं कि न घबराएं और न ही डरें। हम हर कदम पर मजबूती से आपके साथ खड़े हैं। कृपया प्रशासन द्वारा जारी सलाहों का पालन करें और सुरक्षित रहें। बदलती स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए, तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत और बचाव कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के लिए तैनात किया गया है। ये जिले बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि विशेष राहत आयुक्त कार्यालय और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र को नदियों के जल स्तर और बाढ़ की समग्र स्थिति पर कड़ी नजर रखने के लिए 24 घंटे काम करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), अग्निशमन सेवा और पुलिस के जवानों को भी पूरी तरह से अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर संवेदनशील निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। मुख्यमंत्री माझी ने यह भी कहा कि राज्य के प्रभावित क्षेत्रों में सभी राहत शिविरों में पर्याप्त सुरक्षित पेयजल, पका हुआ भोजन, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, सांप के काटने के इलाज के लिए एंटी-वेनम और पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध है। इसी तरह, चोरी को रोकने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए परिवारों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में रात की गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बाढ़ से हुए नुकसान का तुरंत आकलन करें और जिन लोगों के घर और कृषि भूमि प्रभावित हुई है, उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दें।