पैक्ड पानी और नए फ्लेवर की आइसक्रीम लॉन्च करेगा OMFED उत्पादों की बढ़ेगी रेंज
भुवनेश्वर। ओडिशा राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ यानी OMFED अपने उत्पादों की रेंज बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। दूध और दुग्ध उत्पादों के लिए पहचाना जाने वाला यह सहकारी ब्रांड अब पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर तथा अलग-अलग फ्लेवर वाली नई किस्म की आइसक्रीम बाजार में उतार सकता है। ओडिशा के मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित उत्पादों को लेकर OMFED बोर्ड के स्तर पर बातचीत चल रही है और मंजूरी मिलने के बाद इन्हें बाजार में लॉन्च किया जाएगा।
मंत्री के बयान के बाद माना जा रहा है कि OMFED डेयरी उत्पादों के साथ पेयजल बाजार में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की योजना बना रहा है। पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर की मांग शहरी क्षेत्रों के साथ पर्यटन स्थलों, सार्वजनिक आयोजनों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और ग्रामीण बाजारों में भी बनी रहती है। ऐसे में OMFED के लिए यह एक नया व्यावसायिक क्षेत्र हो सकता है। हालांकि पैक्ड पानी की बोतलों के आकार, कीमत, उत्पादन क्षमता और लॉन्च की संभावित तारीख के संबंध में फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
OMFED पहले से ही दूध, दही, छाछ, घी, पनीर, छेना, मिठाइयों और आइसक्रीम सहित विभिन्न दुग्ध उत्पादों का उत्पादन एवं विपणन करता है। नई तरह की आइसक्रीम लॉन्च होने से इसके उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार होगा। कंपनी अलग-अलग आयु वर्ग और स्वाद पसंद करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए नए फ्लेवर बाजार में ला सकती है। गर्मियों के दौरान आइसक्रीम और ठंडे डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। इसे देखते हुए नई किस्में OMFED के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
गोकुलानंद मल्लिक ने कहा कि इन उत्पादों को बाजार में उतारने से पहले OMFED बोर्ड की मंजूरी आवश्यक होगी। फिलहाल बोर्ड के साथ बातचीत और संबंधित प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद ही उत्पादन, पैकेजिंग, मूल्य और वितरण से जुड़ी रणनीति को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। मंत्री ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि नए उत्पाद पूरे ओडिशा में एक साथ लॉन्च किए जाएंगे या शुरुआत में चुनिंदा शहरों और बाजारों में उपलब्ध कराए जाएंगे।
नए उत्पादों की जानकारी देते हुए मंत्री ने OMFED के दूध की गुणवत्ता पर भी बात की। राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से दूध, छेना और पनीर में मिलावट की खबरें सामने आने के बीच उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी है। इसी संदर्भ में मंत्री ने दावा किया कि OMFED अपने उत्पादों के लिए गुणवत्ता के कड़े मानकों का पालन करता है। उन्होंने कहा कि संघ द्वारा खरीदे और बेचे जाने वाले दूध को जांच की कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
मंत्री मल्लिक के अनुसार OMFED के दूध की तीन स्तरों पर जांच की जाती है। इस प्रक्रिया में दूध की गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न मापदंडों का परीक्षण किया जाता है। फैट की मात्रा की भी जांच होती है, जिससे दूध की श्रेणी और गुणवत्ता का आकलन किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि जांच की इस व्यवस्था के कारण OMFED के दूध में मिलावट की गुंजाइश नहीं रहती।
मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर लोगों की जागरूकता बढ़ी है। दूध और उससे तैयार होने वाले उत्पाद दैनिक भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों सहित बड़ी आबादी इनका नियमित सेवन करती है। इसलिए इन उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक दूध की गुणवत्ता जांचने के दौरान फैट और सॉलिड-नॉट-फैट की मात्रा के अलावा कई अन्य मानकों पर भी ध्यान दिया जाता है। प्रसंस्करण से पहले दूध की स्थिति, स्वच्छता, तापमान और भंडारण की व्यवस्था भी उसकी गुणवत्ता को प्रभावित करती है। हालांकि OMFED में अपनाई जाने वाली विस्तृत जांच प्रक्रिया और अलग-अलग चरणों की तकनीकी जानकारी मंत्री के बयान में साझा नहीं की गई है।
OMFED एक सहकारी व्यवस्था के माध्यम से किसानों और दुग्ध उत्पादकों से दूध एकत्र करता है। इस तरह यह संस्था उपभोक्ताओं को दूध और उससे बने उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ पशुपालकों को बाजार से जोड़ने का भी काम करती है। उत्पादों की रेंज बढ़ने से दुग्ध उत्पादकों, प्रसंस्करण इकाइयों और वितरण व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर बनने की संभावना है।
पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर के क्षेत्र में उतरने पर OMFED को पहले से मौजूद कई राष्ट्रीय और स्थानीय कंपनियों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। इस बाजार में कीमत, पैकेजिंग, उपलब्धता और गुणवत्ता उपभोक्ताओं की पसंद तय करने वाले महत्वपूर्ण कारक हैं। OMFED को अपने मौजूदा वितरण नेटवर्क का लाभ मिल सकता है, लेकिन नए उत्पाद के लिए आवश्यक नियामकीय मानकों और गुणवत्ता संबंधी व्यवस्थाओं का पालन भी करना होगा।
इसी तरह नए फ्लेवर वाली आइसक्रीम के माध्यम से OMFED युवा और शहरी उपभोक्ताओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। यदि उत्पादों की कीमत प्रतिस्पर्धी रखी जाती है और वितरण छोटे शहरों तथा ग्रामीण बाजारों तक किया जाता है तो ब्रांड को व्यापक ग्राहक आधार मिल सकता है।
फिलहाल इन योजनाओं का क्रियान्वयन OMFED बोर्ड की मंजूरी पर निर्भर है। मंजूरी के बाद ही नए उत्पादों के नाम, फ्लेवर, कीमत और लॉन्च की समयसीमा स्पष्ट होगी। प्रस्तावों के अमल में आने पर OMFED केवल पारंपरिक डेयरी ब्रांड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पैक्ड पेयजल और नए खाद्य उत्पादों के बाजार में भी अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।