Bhubaneswar.भुवनेश्वर: गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने के साथ ही आग लगने और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित रहने के लिए स्मार्ट तरीके अपनाना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले, घर और कार्यस्थल में इलेक्ट्रिकल उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग आवश्यक है। अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों को लगातार चालू न रखें और ओवरलोडिंग से बचें। इसके अलावा, तारों और सॉकेट की नियमित जांच करें ताकि शॉर्ट सर्किट या आग का खतरा कम किया जा सके।
खुली आग, जैसे कि गैस सिलेंडर, चिमनी या कैंप फायर के इस्तेमाल में भी सावधानी बरतना जरूरी है। गैस सिलेंडर के पास ज्वलनशील पदार्थ न रखें और कैंडल या अन्य खुले स्रोत को हमेशा सुरक्षित जगह पर रखें। बच्चों को इनसे दूर रखें।
गर्मी में अक्सर लोग धूम्रपान या BBQ जैसे आउटडोर फायर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे समय में सुरक्षित दूरी बनाए रखें और जलनशील सामग्री के पास आग न लगाएं। बाल और कपड़ों की सुरक्षा के लिए उचित वस्त्र पहनें।
आग लगने की स्थिति में तुरंत निकासी मार्ग और आपातकालीन योजना का पालन करें। पहले से तय करें कि कौन, कहाँ जाएगा और किसे मदद चाहिए। अग्निशमन यंत्र और बाल्टी पानी या रेत आसानी से उपलब्ध रखें।
स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग के अनुसार, गर्मी में जलयोजन और छाया भी महत्वपूर्ण हैं। तेज धूप और गर्मी में शरीर में थकान बढ़ने से सावधानी कम हो सकती है, जिससे आग जैसी घटनाओं में प्रतिक्रिया धीमी हो सकती है।
इसके अलावा, सामाजिक जागरूकता और पड़ोसियों के साथ सामूहिक सुरक्षा उपाय अपनाना भी प्रभावी है। यदि किसी स्थान पर आग का खतरा दिखाई दे, तो तुरंत स्थानीय अग्निशमन विभाग को सूचित करें।