Odisha : हेरिटेज संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लागू

Update: 2026-06-14 10:59 GMT

Odisha ओडिशा: समृद्ध आर्किटेक्चरल और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा राज्य में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने ‘ओडिशा टूरिज्म (संशोधन) पॉलिसी, 2026’ के तहत ‘हेरिटेज प्रॉपर्टी प्रमोशन गाइडलाइंस, 2026’ को लागू कर दिया है। इस नई नीति के जरिए राज्य में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और उनके पुनः उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल की गई है।

नई गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य महलों, किलों, हवेलियों और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण इमारतों जैसी ऐतिहासिक संरचनाओं को पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों के साथ जोड़ना है। इसके माध्यम से न केवल इन धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, बल्कि उन्हें आय के नए स्रोत के रूप में भी विकसित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से विरासत संरक्षण को नई दिशा मिलेगी और ग्रामीण एवं सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

नीति के अनुसार, वे सभी इमारतें जो 1950 से पहले निर्मित हुई हैं और जिनका आर्किटेक्चरल, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व है, उन्हें ‘हेरिटेज प्रॉपर्टी’ के रूप में मान्यता दी जा सकेगी। इस मान्यता के बाद इन संपत्तियों को पर्यटन गतिविधियों के लिए उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

गाइडलाइंस के तहत हेरिटेज आधारित कई प्रकार के पर्यटन प्रोजेक्ट शामिल किए गए हैं। इनमें हेरिटेज होटल, हेरिटेज म्यूजियम, हेरिटेज रेस्टोरेंट या कैफेटेरिया और हेरिटेज बैंक्वेट सुविधाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से पर्यटकों को पारंपरिक और ऐतिहासिक अनुभव प्रदान करने की योजना है।

राज्य सरकार का मानना है कि इस नीति के लागू होने से ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही, निजी निवेशकों और स्थानीय समुदायों को भी हेरिटेज संरक्षण में भागीदारी का अवसर मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह नीति राज्य में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ पारंपरिक इमारतों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे न केवल पुरानी इमारतों का पुनर्जीवन होगा, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति और परंपराओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से ओडिशा में पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी और यह राज्य को एक प्रमुख हेरिटेज टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

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