Odisha : गजपति रिज़र्व फॉरेस्ट में अवैध कटाई और आगजनी, जांच की मांग तेज

Update: 2026-06-17 07:17 GMT

Odisha ओडिशा: ओडिशा के गजपति जिले के किचिलिंग रिज़र्व फॉरेस्ट इलाके में बड़े पैमाने पर जंगल को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है, जिससे पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों में गंभीर चिंता पैदा हो गई है। आरोप है कि संरक्षित वन क्षेत्र में कीमती पेड़ों की अवैध कटाई के बाद कई एकड़ जमीन में आग लगा दी गई, जिससे पर्यावरण को भारी क्षति पहुंची है।

जानकारी के अनुसार, इस रिज़र्व फॉरेस्ट में लाल चंदन, साल, सागौन सहित कई कीमती प्रजातियों के पेड़ों की कटाई की गई है। आशंका जताई जा रही है कि पेड़ों की अवैध कटाई के सबूत मिटाने के लिए पूरे इलाके में जानबूझकर आग लगाई गई।

इस घटना के बाद वन विभाग के कामकाज और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने संवेदनशील और संरक्षित वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और फिर आगजनी जैसी घटना वन विभाग की जानकारी के बिना होना मुश्किल है। लोगों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रभावित क्षेत्र के पास ही एक फॉरेस्ट बीट हाउस भी मौजूद है। इसके अलावा, इलाके में लाल चंदन के विशेष बागानों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे निगरानी व्यवस्था भी बताई जाती है। इसके बावजूद इस तरह की घटना का सामने आना वन सुरक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है।

स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस घटना को वन संपदा पर बड़ा हमला बताया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र की जैव-विविधता को स्थायी नुकसान हो सकता है।

वन विभाग की ओर से फिलहाल मामले की जांच शुरू करने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है।

यह घटना न केवल वन संरक्षण व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है, बल्कि संरक्षित क्षेत्रों में निगरानी और जवाबदेही को मजबूत करने की जरूरत को भी रेखांकित करती है।

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