Odisha : बिजली संकट पर गुस्सा फूटा, ग्रामीणों ने कर्मचारियों को खंभे से बांधा
Odisha ओडिशा: ओडिशा के देवगढ़ जिले में गुरुवार को बिजली आपूर्ति बाधित रहने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। यह मामला तिलेइबानी ब्लॉक के दुधियानाली गांव का है, जहां पिछले चार दिनों से लगातार बिजली गुल रहने के कारण हालात तनावपूर्ण हो गए थे। लंबे समय से समस्या का समाधान न होने पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और स्थिति अचानक उग्र हो गई।
जानकारी के अनुसार, आंधी-तूफान के कारण इलाके में बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी, जिसके बाद कई दिनों तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। बिजली न होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के साथ-साथ खेती-बाड़ी में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर फसलों और सब्जियों की सिंचाई प्रभावित होने से किसानों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
गुरुवार को बिजली विभाग की एक टीम मरम्मत कार्य के लिए गांव पहुंची थी। कर्मचारी जैसे ही काम शुरू करने लगे, तभी गांव के कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर विरोध जताते हुए बिजली के खंभे से बांध दिया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
Dudhianali village में हुई इस घटना के दौरान ग्रामीणों ने मांग की कि पहले वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आएं और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। ग्रामीणों का कहना था कि वे लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
गांववालों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल करने में देरी की गई, जिससे उनकी खेती और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि पिछले चार दिनों से बिजली न होने के कारण घरों में पानी की आपूर्ति, बच्चों की पढ़ाई और कृषि कार्य सभी प्रभावित हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, बिजली विभाग के कर्मचारी जब मरम्मत कार्य के लिए पहुंचे तो स्थिति अचानक बिगड़ गई और ग्रामीणों ने नाराजगी में यह कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
Deogarh district प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जहां एक ओर बिजली बहाली में देरी की जांच की जाएगी, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के साथ किए गए व्यवहार की भी समीक्षा होगी।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए कानून का सहारा लें और इस तरह के कदम न उठाएं। वहीं बिजली विभाग की टीम इलाके में मरम्मत कार्य को जल्द पूरा करने में जुटी हुई है, ताकि आपूर्ति बहाल की जा सके।
फिलहाल इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन पुलिस और प्रशासन की निगरानी में हालात को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रणाली की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।