Odisha : जगन्नाथ संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए 24 घंटे का आध्यात्मिक टीवी चैनल प्रस्ताव
Odisha ओडिशा: सरकार राज्य और राज्य के बाहर भगवान जगन्नाथ से जुड़ी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के उद्देश्य से एक विशेष 24 घंटे का आध्यात्मिक टेलीविजन चैनल शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। इस प्रस्ताव को लेकर प्रारंभिक स्तर पर चर्चा हो चुकी है और सरकार इसे एक बड़े सांस्कृतिक मंच के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस चैनल की शुरुआत को लेकर शुरुआती बातचीत पूरी हो चुकी है और आगे की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।
प्रस्तावित चैनल का मुख्य उद्देश्य भगवान जगन्नाथ से जुड़ी धार्मिक परंपराओं, रीति-रिवाजों, पूजा-पद्धतियों और सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में व्यापक जानकारी लोगों तक पहुंचाना है। इसके जरिए न केवल ओडिशा के लोगों को बल्कि देश और विदेश में रहने वाले उन लोगों को भी जोड़ने की कोशिश की जाएगी, जो जगन्नाथ संस्कृति में रुचि रखते हैं या इससे जुड़ाव महसूस करते हैं। सरकार का मानना है कि यह चैनल धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को परंपराओं से जोड़ने में भी मदद करेगा।
मंत्री ने यह भी बताया कि इस चैनल के माध्यम से जगन्नाथ मंदिर से जुड़ी परंपराओं, रथ यात्रा जैसे प्रमुख धार्मिक आयोजनों और अन्य अनुष्ठानों की जानकारी भी प्रसारित की जाएगी। इसके अलावा आध्यात्मिक कार्यक्रमों, भक्ति संगीत, धार्मिक चर्चा और सांस्कृतिक डॉक्यूमेंट्री को भी इसमें शामिल किए जाने की संभावना है। सरकार इस प्लेटफॉर्म को एक ऐसा माध्यम बनाना चाहती है, जो लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ सांस्कृतिक शिक्षा भी प्रदान करे।
अधिकारियों के अनुसार, चैनल के संचालन मॉडल, तकनीकी ढांचे और प्रसारण व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इसे किस तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों के साथ जोड़ा जा सके, ताकि इसकी पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक हो सके। सरकार का उद्देश्य इसे केवल एक टीवी चैनल तक सीमित न रखकर एक व्यापक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नेटवर्क के रूप में विकसित करना है।
हालांकि चैनल के लॉन्च की निश्चित तारीख और पूरी संचालन योजना अभी तय नहीं की गई है, लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस संबंध में और विस्तृत जानकारी साझा की जा सकती है। यह पहल ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और जगन्नाथ परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है