बारीपदा: शोधकर्ताओं ने सिमलीपाल टाइगर रिज़र्व (STR) में बिच्छू की एक नई प्रजाति की खोज की है। इसके साथ ही, ओडिशा में 'लिओचेलेस' (Liocheles) जीनस की मौजूदगी का पहला प्रमाण मिला है। 44 मिमी से 53 मिमी लंबाई वाले इस बिच्छू की पहचान इसके चमकदार, नीले-काले रंग से की जा सकती है।

'लिओचेलेस सिमलीपालेंसिस' (Liocheles similipalensis) नाम की इस नई प्रजाति को समुद्र तल से लगभग 1,000 मीटर की ऊंचाई पर, उष्णकटिबंधीय नम पर्णपाती वनों (tropical moist deciduous forests) के चट्टानी इलाकों में पाया गया।

यह खोज 'ठाकरे वाइल्डलाइफ फाउंडेशन' (TWF) के शोधकर्ताओं की एक टीम ने STR के अधिकारियों के साथ मिलकर की है। इस शोध टीम में सौरभ किनिंगे, तेजस ठाकरे, अक्षय खांडेकर और STR के फील्ड डायरेक्टर प्रकाश चंद गोगिनेनी शामिल थे।

सबसे पहले रिज़र्व के वन कर्मियों ने इसके नमूने एकत्र किए और फिर विस्तृत वर्गीकरण (taxonomic) जांच के लिए उन्हें TWF के वैज्ञानिक अक्षय खांडेकर के पास भेजा। शोधकर्ताओं ने इसके पैरों के 'टार्सस' (tarsus) के दूसरे खंड के नीचे बालों जैसी सूक्ष्म संरचनाओं की पहचान करके इसे 'लिओचेलेस' जीनस के अंतर्गत वर्गीकृत किया।

गोगिनेनी ने बताया कि इस प्रजाति का नाम 'सिमलीपाल' के नाम पर रखा गया है, जो कि वह संरक्षित वन क्षेत्र है जहां इसे पहली बार खोजा गया था। फिलहाल, STR ही इसका एकमात्र ऐसा स्थान है जहां इसके होने की पुष्टि हुई है। इसलिए, यह पता लगाने के लिए और अधिक खोजबीन जरूरी है कि यह प्रजाति और कहां-कहां पाई जाती है।

 

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