ओडिशा ने चक्रवात के लिए 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की केंद्रीय सहायता मांगी
भुवनेश्वर: ओडिशा ने चक्रवात और उसके बाद आई बाढ़ से गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में हुए नुकसान की भरपाई, बुनियादी ढांचे की बहाली और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र से 2,526 करोड़ रुपये की शुरुआती वित्तीय सहायता मांगी है।
राज्य ने इन तीन जिलों में बार-बार आने वाले चक्रवात और बाढ़ की समस्याओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपायों हेतु 10,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की भी मांग की है। यह जानकारी विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने गुरुवार को लोक सेवा भवन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी टीम की बैठक के बाद दी।
पाटिल ने बताया कि राज्य सरकार ने तत्काल राहत और बहाली के साथ-साथ ऐसे टिकाऊ बुनियादी ढांचे के लिए केंद्र से मदद मांगी है, जो बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के असर को कम कर सके। इसमें गंजाम जिले पर विशेष ध्यान दिया गया है, क्योंकि वहां सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सरकार सभी विभागों से नुकसान की रिपोर्ट इकट्ठा करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक ज्ञापन सौंपेगी।
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव रवि शंकर के नेतृत्व में आठ सदस्यीय केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी टीम (IMT) ने 3 और 4 नवंबर को प्रभावित इलाकों का दौरा करके नुकसान का जायजा लिया और उसी दिन मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की।
उन्होंने टीम से आग्रह किया कि वे न केवल तत्काल राहत और पुनर्निर्माण के लिए, बल्कि चक्रवात और बाढ़ को झेल सकने वाला बुनियादी ढांचा बनाने और भविष्य में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए स्थायी उपायों हेतु भी सहायता की सिफारिश करें।
शंकर ने बताया कि टीम ने अपने दौरे के दौरान भारी नुकसान देखा, खासकर गंजाम जिले में, जहां ऋषिकुल्या नदी की बाढ़ का पानी कृषि भूमि, सड़कों, घरों और सरकारी कार्यालयों पर बड़ी मात्रा में रेत और गाद छोड़ गया है।