कटक: उड़ीसा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से एक हलफनामा दाखिल करने को कहा है जिसमें भगवान जगन्नाथ की एकराजत महल भूमि के रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (आरओआर) प्रविष्टियों पर विवादों के निपटारे की स्थिति का विवरण दिया गया है।

मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति चितरंजन दाश की खंडपीठ ने हाल ही में जाटनी स्थित पुरबताना एकराजत महल रैयत सुरख्या समिति द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर आदेश पारित किया।

अदालत का यह निर्देश ऐतिहासिक रूप से भगवान जगन्नाथ से जुड़ी एकराजत महल भूमि से संबंधित आरओआर प्रविष्टियों के संबंध में समिति की याचिका की जांच करते समय आया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता लालतेन्दु सामंतराय उपस्थित हुए।

जनहित याचिका मुख्य रूप से उन 36 गांवों से संबंधित है जो सरकार द्वारा भगवान जगन्नाथ के नाम पर दर्ज भूमि से संबंधित आरओआर प्रविष्टियों को सही करने की कवायद के बाद छोड़ दिए गए थे। अदालत ने कहा कि 120 गांवों में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है लेकिन शेष 36 गांवों को छोड़ने का कोई औचित्य उसके समक्ष नहीं रखा गया है।

 

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